इन छोरियां का ASI me हुआ चयन,-2 न पर्ची, न खर्ची घर बैठे मिली नौकरी, विपक्ष हुआ मुद्दा विहीन
इन छोरियां का ASI me हुआ चयन,-2 न पर्ची, न खर्ची घर बैठे मिली नौकरी, विपक्ष हुआ मुद्दा विहीन
एसआई बनकर जींद की प्रीती के सपने होंगे साकार
आवेदन के अंतिम अवसर में हुआ बबीता का पुलिस में चयन
नौकरी की सूचना मिली तो घर में लगा रही थी पोछा,तो कोई गई थी मार्केट
जींद।
जींद की रहने वाली प्रीती हरियाणा पुलिस में सब इंस्पेक्टर के पद पर चयनित
होकर बेहद खुश है। उसके लिए यह किसी सपने से कम नहीं है। प्रीती सामान्य
की भांति अपने घर की साफ-सफाई करने में व्यस्त थी जब उसे नौकरी लगने के
बारे में पता चला।
सामान्य श्रेणी से संबंधित प्रीती
के पति जींद में ही आरओ की दुकान चलाते हैं। जिससे बहुत ज्यादा आमदनी नहीं
होती है। बकौल प्रीती उसके पति व अन्य परिजनों ने हमेशा उसे प्रोत्साहित
किया। वह पिछले तीन साल से नौकरी के लिए प्रयास कर रही थी। प्रीती के
अनुसार वह परीक्षा देकर भूल चुकी थी, क्योंकि उसने यह सुना व देखा था कि
नौकरी या तो पहुंच वालों को मिलती है या फिर पैसा देना पड़ता था। हालही में
जब वह घर की साफ-सफाई में व्यस्त थी तो उसके पति ने उसे हरियाणा पुलिस में
सब-इंस्पेक्टर की नौकरी मिलने की सूचना दी। एक बार तो उसे यकीन नहीं आया
लेकिन दोबारा अपना नंबर जांचने पर उसे तस्सली हुई। प्रीती के अनुसार मनोहर
सरकार ने यह साबित कर दिया है कि बिना खर्ची और बिना पर्ची के पारदर्शिता
के साथ नौकरियां दी जा रही हैं।
कुछ ऐसी ही स्थिति
बबीता की है। बबीता पिछले चार साल से तैयारी कर रही थी। एक बार पहले भी
परीक्षा पास हो गई थी लेकिन चयन नहीं हो पाया था। उसके लिए यह अंतिम अवसर
था। इस बार अगर नौकरी नहीं मिलती तो फिर सरकारी नौकरी में आवेदन के लिए आयु
सीमा पार हो जाती। जिसके चलते बबीता ने पूरी मेहनत के साथ परीक्षा दी और
सफल हो गई।
बबीता ने इसके लिए न तो कोई कोचिंग ली, न
ही उसके पास किसी की कोई सिफारिश थी और न ही उसके पास देने के लिए कोई
पैसा था। बबीता केवल अपने आत्मविश्ववास के साथ आगे बढ़ी और प्रदेश सरकार की
पारदर्शिता के चलते उसे नौकरी मिल गई। ऐसा ही तर्क है कि जींद के युवा शिव
प्रसन गोयल का। जिसने अपनी मेहनत के बल पर एसआई की नौकरी हासिल की है।
हरियाणा
सरकार द्वारा हालही में घोषित किए गए परिणाम के दौरान जींद जिला के 31
अभ्यार्थियों का सब-इंस्पेक्टर पद के लिए चयन हुआ है। इनमें सभी ऐसे हैं
जिन्होंने बिना पर्ची और खर्ची के यह नौकरी हासिल की है। यही नहीं इन
युवाओं को जब चयन के बारे में पता चला तो कईयों को यकीन ही नहीं हुआ।
बाक्स----------------
जींद की इन छोरियां का चयन
गांव
कसूण जिला जींद की सलोचना, गांव पेगा जिला जींद की पूजा, गांव कलोदा खुर्द
जिला जींद की अमरलता, गांव डुमरखां खुर्द जिला जींद की सुदेश रानी, कृष्ण
कॉलोनी जींद की प्रीति, गांव बदनपुर जिला जींद की शम्मी, गांव दमतान साहिब
जिला जींद की मनीतू, गांव धनोदा खुर्द जिला जींद की मनीषा, गांव उचाना
खुर्द जिला जींद की काफी, न्यू चंद्रलोक कॉलोनी जुलानी रोड जींद की बबीता
देवी, गांव बगनवाला जिला जींद की मधू, गांव कसून जिला जींद की संतोष देवी
शामिल हुई।
बॉक्स-----2
न पर्ची, न खर्ची घर बैठे मिली नौकरी, विपक्ष हुआ मुद्दा विहीन
मनोहर
सरकार ने अपने पहले कार्यकाल के दौरान जिया प्रकार से ग्रुप डी में
पारदर्शिता के साथ भर्तियां करके विपक्ष को मुद्दा विहीन कर दिया था उसी
तरह से दूसरे कार्यकाल के दौरान पुलिस में एसआई की भर्तियां पारदर्शिता के
साथ करके विपक्ष को मुद्दा विहीन कर दिया है।
वर्जन---
हरियाणा
सरकार ने पूरी पारदर्शिता के साथ एसआई की भर्ती की है। अपनी मेहनत के दम
पर आगे बढऩे वाले काबिल युवाओं का इसमें चयन हुआ है। मनोहर सरकार की समूची
भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी रही है। बहुत से युवाओं के लिए तो यह
अंतिम अवसर था। इसके बाद उनकी आवेदन की आयु समाप्त होने जा रही थी। बहुत
जल्द पुलिस विभाग में चल रही अन्य पदों की भर्ती प्रक्रिया को भी अंतिम रूप
दिया जाएगा।
अमित आर्य
मीडिया सलाहकार
मुख्यमंत्री हरियाणा।

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