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नवोदय विद्यालयों में फीस बढ़ोतरी के विरोध में नवोदियन छात्रों ने सोपा ज्ञापन

देशभर के नवोदय विद्यालयों में फीस बढ़ोतरी के विरोध में नवोदियन छात्रों ने सोपा ज्ञापन
जिला उपायुक्त के माध्यम से मानव संसाधन विकास मंत्री के नाम सोपा ज्ञापन
मांगे नहीं मानी तो देशभर के नवोदियन दिल्ली में डेरा डालने के लिए होंगे मजबूर

हिसार - देशभर के नवोदय विद्यालयों में फीस बढ़ोतरी के विरोध में पूर्व छात्रों ने मोर्चा खोल दिया है। केंद्र सरकार के इस फैसले का विरोध जताने व फीस वृद्धि का फैसला वापिस करवाने की मांग को लेकर नवोदियन छात्रों ने हिसार के जिला उपायुक्त निखिल गजराज के माध्यम से मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर के नाम ज्ञापन सोपा ओर फीस बढ़ोतरी के फैसले को वापिस लेने की मांग करी। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि केंद्र सरकार ने जल्द ही ये फैसला वापिस नहीं लिया तो वो देशभर में आंदोलन तेज करेंगे और दिल्ली में डेरा डालने के लिए मजबूर होंगे।
नवोदय शक्ति के प्रधान लक्ष्मण श्योराण व प्रेस प्रवक्ता अजय लोहान ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों का टैलेंट उभारने व शहरों की तर्ज पर अच्छी व फ्री शिक्षा प्रदान करने के लिए देशभर में नवोदय विद्यालयों की शुरुआत की गई थी। लेकिन अब केंद्र सरकार द्वारा नवोदय विद्यालयों में भी फीस लागू करने से सभी नवोदियन मे भारी रोष है। उन्होंने बताया कि देशभर में ग्रामीण परिवेश के अति पिछड़े , जरूरतमंद व होनहार छात्रों को शहरी स्तर की निशुल्क, गुणवत्तापूर्ण व बुनियादी शिक्षा प्रदान करने के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति 1986 को लागू किया था। लेकिन अब फीस वृद्धि का फैसला राष्ट्रीय एकता ओर बंधुत्व की भावना के न केवल विपरीत है बल्कि ग्रामीण टैलेंट को आगे लाने की दूरगामी नीति व ग्रामीण परिवेश के जरूरतमंद बच्चों के लिए बाधक है। उन्होंने बताया कि इस समय देशभर में 591 नवोदय विद्यालय कार्यशील है जिनमे ग्रामीण क्षेत्र के 78 प्रतिशत से ज्यादा बच्चे शिक्षा ग्रहण करते है। उन्होंने बताया कि ‘नवोदय विचारधारा’ जाति, धर्म, क्षेत्र इत्यादि विघटनकारी कारकों से परे है जिसका मूल प्रयोजन राष्ट्रीय एकता और बंधुत्व को बढ़ावा देना हैं I वर्तमान में ‘विद्यालय विकास निधि’ के नाम से वसूली जाने वाली फीस का निर्णय ऐसा है जो इस ‘राष्ट्रीय एकता एवं बंधुत्व’ की भावना के विपरीत है I क्या सिर्फ एक संवर्ग को फीस के लिए बाध्य करना नवोदय के पावन उद्देश्य के विपरीत नहीं है? इस से अलगाव बढेगा एवं बंधुत्व की भावना पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा I उन्होंने मांग की है केंद्र सरकार तुरन्त प्रभाव से इस फैसले को वापिस ले ताकि ग्रामीण आँचल के छात्रों की प्रतिभा को उभारने का मौका मिल सके। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार ने तुरन्त फैसला वापिस नहीं लिया तो वो देशभर के नवोदियन दिल्ली में डेरा डालने पर मजबूर होंगे। इस अवसर पर डॉ विक्रम, डॉ कुलवंत, मनोज, हरिकेश, रवि पंघाल, विकास, गुरविंदर, मुकेश, रविन्द्र, प्रवेश, संदीप, नरेंद्र, गौरव,प्रदीप, सुशील, गौरव, अमित, अजय,परीक्षा,सुमन व कविता आदि मौजूद थे।

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