भाजपा सरकार को भारी पड़ेगी युवाओं व किसानों की अनदेखी : उमेद लोहान
भाजपा सरकार को भारी पड़ेगी युवाओं व किसानों की अनदेखी : उमेद लोहान
- उमेद लोहान ने ‘रोजगार दो-भाव दो अभियान’ के तहत गांव खेड़ी चौपटा में किया जनसभा को संबोधित -
- युवा रोजगार के लिए व किसान अपनी फसलों के उचित मूल्य के लिए खा रहे दर-दर की ठोकरें : उमेद लोहान -
हिसार 28 जनवरी : हरियाणा जन चेतना मंच के ‘रोजगार दो-भाव दो’ अभियान के तहत आज मंच के अध्यक्ष उमेद लोहान ने खेड़ी चौपटा में जनसभा को संबोधित किया। युवाओं व किसानों के भारी समूह को संबोधित करते हुए उमेद लोहान ने कहा कि आज प्रदेश में युवाओं व किसानों की जो दशा है वह किसी से छिपी नहीं है। युवाओं को रोजगार नहीं है और किसान बेचारा अपनी फसलों के दाम के लिए सरकार के मुंह की तरफ देख रहा है। लोहान ने कहा कि भाजपा सरकार को युवाओं व किसानों की यह अनदेखी भारी पड़ेगी। जनसभा में उपस्थित युवाओं व किसानों ने उमेद लोहान की इस बात का हाथ उठाकर समर्थन किया। जनसभा के उपरांत लोहान ने अनेक स्थानों पर जलपान कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
उमेद लोहान ने अपने अभियान ‘रोजगार दो-भाव दो’ के तहत मंच के माध्यम से सरकार के समक्ष मांग रखते हुए कहा कि किसानों को उनकी फसलों का डेढ़ गुणा भाव दिया जाए व उनके सभी कर्ज माफ किए जाएं। आवारा पशुओं की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए तथा पशु मेलों की शुरूआत की जाए। फसल बीमा योजना में बदलाव हो। किसानों को खेती के लिए बिजली मुफ्त दी जाए। बेरोजगारों को योग्यता अनुसार रोजगार दिया जाए। जब तक रोजगार ना मिले तब तक 12वीं पास युवा को 6000 व ग्रेजुएट युवाओं को 9000 रुपये बेरोजगारी भत्ता प्रतिमाह दिया जाए। महंगी फीस वसूलने वाले प्राइवेट स्कूलों, कॉलेजों एवं अस्पतालों के विरुद्ध नियम बनाकर कानूनी कार्यवाही की जाए। हरियाणा में लगने वाले उद्योगों में 70 प्रतिशत नौकरियां हरियाणा के लोगों को दी जाए। हिसार के अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे का नाम शहीद भगत सिंह के नाम पर रखा जाए। जिले के वाहनों को जिले में टोल मुक्त किया जाए आदि मांगों को सरकार गंभीरता के साथ जल्द से जल्द पूरा करे।
लोहान ने कहा कि किसानों को प्रकृति व सरकार की दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। एक तरफ जहां ओलावृष्टि व अन्य प्राकृतिक आपदाओं से उनकी फसलें बर्बाद हो रही है, वहीं सरकार उन्हें उनकी फसलों का पूरा मूल्य नहीं दे रही जिससे हमारे देश का अन्नदाता किसान भूखों मरने के कगार पर पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार द्वारा किसानों के लिए शुरू की गई फसल बीमा योजना केवल एक दिखावा है जिसमें अभी बहुत सारी खामियां जिन्हें किसानों के हित में दूर किया जाना जरूरी है। सरकार को बीमा प्रीमियम की राशि खुद भरनी चाहिए ताकि किसान आर्थिक मार से बच सकें। बिजली बिल, डीजल, खाद, बीज, स्प्रे, इत्यादि की कीमतें बेतहाशा बढ़ चुकी हैं लेकिन किसानों की फसलों के दाम वहीं के वहीं पर हैं जिससे किसानों को अपनी फसलों का लागत मूल्य निकालना ही मुश्किल हो रहा है। स्वामीनाथन आयोग को देश-प्रदेश में लागू करने का वादा करके भाजपा ने किसान हित के इस अहम मुद्दे को भी ठंडे बस्ते में डाल दिया है।
लोहान ने कहा कि सरकार किसानों के साथ युवाओं के साथ भी अन्याय व भेदभाव कर रही है चुनाव से पूर्व लाखों रोजगार देने का वायदा करने वाली भाजपा के राज में युवा रोजगार के लिए दर-दर की ठोकरे खा रहे हैं। भाजपा का बेरोजगारी भत्ता बढ़ाने का चुनावी वायदा भी खोखला साबित हुआ है वहीं छात्र संघ चुनाव बहाली के मामले में भी इस सरकार ने युवाओं के साथ विश्वासघात किया है। उन्होंने युवाओं व किसानों से आह्वान किया कि एकजुट होकर भाजपा सरकार की इस भेदभावपूर्ण नीति का विरोध करें व इस अभियान को सफल बनाएं।
उमेद लोहान ने कहा कि किसानों व युवाओं से हो रहे भेदभाव व सरकार की वादा खिलाफी इनमें भारी रोष है। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे हरियाणा जन चेतना मंच की मुहिम से ज्यादा से ज्यादा जुडक़र अपनी आवाज मंच के माध्यम से बुलंद करें ताकि सरकार के कानों तक इसकी गूंज पहुंच सके। उन्होंने सरकार से कड़े शब्दों में मांग की कि किसान व युवाओं से हो रहे सरकार के भेदभाव को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा तथा उनके हितों के लिए बड़े से बड़े संघर्ष से वे पीछे नहीं हटेंगे।
इस मौके पर मुख्य रूप से रणधीर कौथ, रमेश खानपुर, शमशेर नाड़ा, हर्ष बामल, अशोक पूनियां, सचिन दुहन, आजाद बूरा, श्रीपाल खेड़ी, जयनारायण, रमेश नंबरदार सहित भारी संख्या में युवा, किसान व ग्रामीण मौजूद थे।
चित्र परिचय : हरियाणा जन चेतना मंच के अध्यक्ष उमेद लोहान खेड़ी चौपटा में जनसभा को संबोधित करते।
- उमेद लोहान ने ‘रोजगार दो-भाव दो अभियान’ के तहत गांव खेड़ी चौपटा में किया जनसभा को संबोधित -
- युवा रोजगार के लिए व किसान अपनी फसलों के उचित मूल्य के लिए खा रहे दर-दर की ठोकरें : उमेद लोहान -
हिसार 28 जनवरी : हरियाणा जन चेतना मंच के ‘रोजगार दो-भाव दो’ अभियान के तहत आज मंच के अध्यक्ष उमेद लोहान ने खेड़ी चौपटा में जनसभा को संबोधित किया। युवाओं व किसानों के भारी समूह को संबोधित करते हुए उमेद लोहान ने कहा कि आज प्रदेश में युवाओं व किसानों की जो दशा है वह किसी से छिपी नहीं है। युवाओं को रोजगार नहीं है और किसान बेचारा अपनी फसलों के दाम के लिए सरकार के मुंह की तरफ देख रहा है। लोहान ने कहा कि भाजपा सरकार को युवाओं व किसानों की यह अनदेखी भारी पड़ेगी। जनसभा में उपस्थित युवाओं व किसानों ने उमेद लोहान की इस बात का हाथ उठाकर समर्थन किया। जनसभा के उपरांत लोहान ने अनेक स्थानों पर जलपान कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
उमेद लोहान ने अपने अभियान ‘रोजगार दो-भाव दो’ के तहत मंच के माध्यम से सरकार के समक्ष मांग रखते हुए कहा कि किसानों को उनकी फसलों का डेढ़ गुणा भाव दिया जाए व उनके सभी कर्ज माफ किए जाएं। आवारा पशुओं की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए तथा पशु मेलों की शुरूआत की जाए। फसल बीमा योजना में बदलाव हो। किसानों को खेती के लिए बिजली मुफ्त दी जाए। बेरोजगारों को योग्यता अनुसार रोजगार दिया जाए। जब तक रोजगार ना मिले तब तक 12वीं पास युवा को 6000 व ग्रेजुएट युवाओं को 9000 रुपये बेरोजगारी भत्ता प्रतिमाह दिया जाए। महंगी फीस वसूलने वाले प्राइवेट स्कूलों, कॉलेजों एवं अस्पतालों के विरुद्ध नियम बनाकर कानूनी कार्यवाही की जाए। हरियाणा में लगने वाले उद्योगों में 70 प्रतिशत नौकरियां हरियाणा के लोगों को दी जाए। हिसार के अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे का नाम शहीद भगत सिंह के नाम पर रखा जाए। जिले के वाहनों को जिले में टोल मुक्त किया जाए आदि मांगों को सरकार गंभीरता के साथ जल्द से जल्द पूरा करे।
लोहान ने कहा कि किसानों को प्रकृति व सरकार की दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। एक तरफ जहां ओलावृष्टि व अन्य प्राकृतिक आपदाओं से उनकी फसलें बर्बाद हो रही है, वहीं सरकार उन्हें उनकी फसलों का पूरा मूल्य नहीं दे रही जिससे हमारे देश का अन्नदाता किसान भूखों मरने के कगार पर पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार द्वारा किसानों के लिए शुरू की गई फसल बीमा योजना केवल एक दिखावा है जिसमें अभी बहुत सारी खामियां जिन्हें किसानों के हित में दूर किया जाना जरूरी है। सरकार को बीमा प्रीमियम की राशि खुद भरनी चाहिए ताकि किसान आर्थिक मार से बच सकें। बिजली बिल, डीजल, खाद, बीज, स्प्रे, इत्यादि की कीमतें बेतहाशा बढ़ चुकी हैं लेकिन किसानों की फसलों के दाम वहीं के वहीं पर हैं जिससे किसानों को अपनी फसलों का लागत मूल्य निकालना ही मुश्किल हो रहा है। स्वामीनाथन आयोग को देश-प्रदेश में लागू करने का वादा करके भाजपा ने किसान हित के इस अहम मुद्दे को भी ठंडे बस्ते में डाल दिया है।
लोहान ने कहा कि सरकार किसानों के साथ युवाओं के साथ भी अन्याय व भेदभाव कर रही है चुनाव से पूर्व लाखों रोजगार देने का वायदा करने वाली भाजपा के राज में युवा रोजगार के लिए दर-दर की ठोकरे खा रहे हैं। भाजपा का बेरोजगारी भत्ता बढ़ाने का चुनावी वायदा भी खोखला साबित हुआ है वहीं छात्र संघ चुनाव बहाली के मामले में भी इस सरकार ने युवाओं के साथ विश्वासघात किया है। उन्होंने युवाओं व किसानों से आह्वान किया कि एकजुट होकर भाजपा सरकार की इस भेदभावपूर्ण नीति का विरोध करें व इस अभियान को सफल बनाएं।
उमेद लोहान ने कहा कि किसानों व युवाओं से हो रहे भेदभाव व सरकार की वादा खिलाफी इनमें भारी रोष है। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे हरियाणा जन चेतना मंच की मुहिम से ज्यादा से ज्यादा जुडक़र अपनी आवाज मंच के माध्यम से बुलंद करें ताकि सरकार के कानों तक इसकी गूंज पहुंच सके। उन्होंने सरकार से कड़े शब्दों में मांग की कि किसान व युवाओं से हो रहे सरकार के भेदभाव को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा तथा उनके हितों के लिए बड़े से बड़े संघर्ष से वे पीछे नहीं हटेंगे।
इस मौके पर मुख्य रूप से रणधीर कौथ, रमेश खानपुर, शमशेर नाड़ा, हर्ष बामल, अशोक पूनियां, सचिन दुहन, आजाद बूरा, श्रीपाल खेड़ी, जयनारायण, रमेश नंबरदार सहित भारी संख्या में युवा, किसान व ग्रामीण मौजूद थे।
चित्र परिचय : हरियाणा जन चेतना मंच के अध्यक्ष उमेद लोहान खेड़ी चौपटा में जनसभा को संबोधित करते।

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