बारिश से किसानों के चेहरे खिले, आसमान से बरसा सोना
बारिश से किसानों के चेहरे खिले
नारनौंद :
इस साल की पहली बारिश से किसानों के चेहरे खुशी से खिल उठे हैं। मंगलवार सुबह गेहूं, सरसों सहित अन्य फसलों के आसमान से सोना बनकर हुई बारिश से किसानों ने राहत की सांस ली है। अब इस बारिश से किसानों के खेतों में बंपर पैदावार होने की संभावना बढ़ गई है।
किसान ओमप्रकाश, धर्मबीर, पालाराम, दिलबाग, उमेद सिंह, शमशेर, अजीत, महताब, सुनील, संदीप इत्यादि ने बताया कि कुछ दिन ठंड पडऩे क बाद मौसम में बदलाव आने से तापमान में लगातार बढ़ौतरी हो रही थी। जिसके कारण गेहूं व सरसों की खेती पर इसका दुष्प्रभाव देखने को मिल रहा था। समय पर उचित मौसम न होने के कारण पैदावार में तो कमी आती ही है साथ ही बिमारियों का प्रकोप भी बढ़ जाता है। लेकिन मंगलवार की सुबह से रूक रूक कर हो रही बारिश से गेहूं, सरसों सहित अन्य फसलों में काफी लाभ मिलेगा। क्योंकि बारिश के बाद दिन व रात के तापमान में गिरावट आएगी। जिसके कारण पछेती किस्म की फसलों को भी उनके अनुकूल मौसम मिलेगा। जिससे फसलें पूरी तरह से ग्रोथ कर सकेगीं। किसानों ने बताया कि जब फसल पूरी ग्रोथ कर लेती है और बिमारियों से भी बच जाती है तो उस समय अधिक पैदावार होने की संभावनाएं भी बढ़ जाती हैं। वहीं अब वो अपनी फसलों में जरूरत के हिसाब से खाद डाल सकेगें।
बॉक्स
इस संबंध में कृषि विभाग के एडीओ कृष्ण कुमार ने बताया कि बारिश से गेहूं व सरसों की फसल में ग्रोथ अच्छी होगी। किसानों को चाहिए कि अब वो जरूरत के हिसाब से अपनी फसल में खाद डाल दें।
नारनौंद :
इस साल की पहली बारिश से किसानों के चेहरे खुशी से खिल उठे हैं। मंगलवार सुबह गेहूं, सरसों सहित अन्य फसलों के आसमान से सोना बनकर हुई बारिश से किसानों ने राहत की सांस ली है। अब इस बारिश से किसानों के खेतों में बंपर पैदावार होने की संभावना बढ़ गई है।
किसान ओमप्रकाश, धर्मबीर, पालाराम, दिलबाग, उमेद सिंह, शमशेर, अजीत, महताब, सुनील, संदीप इत्यादि ने बताया कि कुछ दिन ठंड पडऩे क बाद मौसम में बदलाव आने से तापमान में लगातार बढ़ौतरी हो रही थी। जिसके कारण गेहूं व सरसों की खेती पर इसका दुष्प्रभाव देखने को मिल रहा था। समय पर उचित मौसम न होने के कारण पैदावार में तो कमी आती ही है साथ ही बिमारियों का प्रकोप भी बढ़ जाता है। लेकिन मंगलवार की सुबह से रूक रूक कर हो रही बारिश से गेहूं, सरसों सहित अन्य फसलों में काफी लाभ मिलेगा। क्योंकि बारिश के बाद दिन व रात के तापमान में गिरावट आएगी। जिसके कारण पछेती किस्म की फसलों को भी उनके अनुकूल मौसम मिलेगा। जिससे फसलें पूरी तरह से ग्रोथ कर सकेगीं। किसानों ने बताया कि जब फसल पूरी ग्रोथ कर लेती है और बिमारियों से भी बच जाती है तो उस समय अधिक पैदावार होने की संभावनाएं भी बढ़ जाती हैं। वहीं अब वो अपनी फसलों में जरूरत के हिसाब से खाद डाल सकेगें।
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इस संबंध में कृषि विभाग के एडीओ कृष्ण कुमार ने बताया कि बारिश से गेहूं व सरसों की फसल में ग्रोथ अच्छी होगी। किसानों को चाहिए कि अब वो जरूरत के हिसाब से अपनी फसल में खाद डाल दें।

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