नरेंद्र भारद्वाज बने सेना में लेफ्टिनेट
नरेंद्र भारद्वाज बने सेना में लेफ्टिनेट
चेन्नई में लेफ्टिनेट का कमीशन प्राप्त किया
नारनौंद :
गांव पेटवाड़ निवासी नरेंद्र भारद्वाज ने भारतीय सेना बतौर लेफ्टिनेट कमीशन प्राप्त किया है। शनिवार को चेन्नई में उनको लेफ्टिनेट का कमीशन प्राप्त किया है। नरेंद्र भारद्वाज ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय माता-पिता तथा सही मार्ग दर्शन को दिया है। नरेंद्र की इच्छा शुरु से ही भारतीय सेना में अधिकारी बनने की थी। नरेंद्र भारद्वाज के पिता महावीर प्रसाद हरियाणा पुलिस में एएसआई के पद पर कार्यरत है और पिछले कई वर्ष से जींद के सेक्टर ११ में रहते है। नरेंद्र के पिता हरियाणा पुलिस में डयूटीरत एएसआई महावीर प्रसाद ने बताया कि बचपन से ही नरेंद्र की इच्छा भारतीय सेना में भर्ती होकर देश सेवा करने की थी। नरेंद्र की शिक्षा की शुरुआत गांव से हुई। उसके बाद उसने डीएवी स्कूल जींद से 12वीं की परीक्षा पास की। बहादुरगढ़ इंजीनियरिंग कॉलेज से बीटेक की तो मुरथल इंजीनियरिंग कॉलेज से एमटेक पास की। गत वर्ष नरेंद्र का चयन भारतीय सेना में हुआ। एक वर्ष की चेन्नई में ट्रेनिंग करने के बाद शनिवार को उन्हें भारतीय सेना में कमीशन मिला। नरेंद्र के पिता महावीर फिलहाल सफीदों अदालत में नायब कोर्ट के पद पर कार्यरत हैं। नरेंद्र भारद्वाज ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि हौसले के माध्यम से किसी भी मुकाम को हासिल किया जा सकता है। इसके लिए ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं को भी अपने लक्ष्य को निर्धारित करके हौंसले के साथ आगे बढऩा चाहिए। दृढ इच्छा शक्ति के साथ की गई मेहनत कभी विफल नहीं होती है। नरेंद्र की इस उपलब्धि पर उसके गांव पेटवाड़ में भी खुशी का माहौल है और जल्द ही गांव में उनके सम्मान में कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।
चेन्नई में लेफ्टिनेट का कमीशन प्राप्त किया
नारनौंद :
गांव पेटवाड़ निवासी नरेंद्र भारद्वाज ने भारतीय सेना बतौर लेफ्टिनेट कमीशन प्राप्त किया है। शनिवार को चेन्नई में उनको लेफ्टिनेट का कमीशन प्राप्त किया है। नरेंद्र भारद्वाज ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय माता-पिता तथा सही मार्ग दर्शन को दिया है। नरेंद्र की इच्छा शुरु से ही भारतीय सेना में अधिकारी बनने की थी। नरेंद्र भारद्वाज के पिता महावीर प्रसाद हरियाणा पुलिस में एएसआई के पद पर कार्यरत है और पिछले कई वर्ष से जींद के सेक्टर ११ में रहते है। नरेंद्र के पिता हरियाणा पुलिस में डयूटीरत एएसआई महावीर प्रसाद ने बताया कि बचपन से ही नरेंद्र की इच्छा भारतीय सेना में भर्ती होकर देश सेवा करने की थी। नरेंद्र की शिक्षा की शुरुआत गांव से हुई। उसके बाद उसने डीएवी स्कूल जींद से 12वीं की परीक्षा पास की। बहादुरगढ़ इंजीनियरिंग कॉलेज से बीटेक की तो मुरथल इंजीनियरिंग कॉलेज से एमटेक पास की। गत वर्ष नरेंद्र का चयन भारतीय सेना में हुआ। एक वर्ष की चेन्नई में ट्रेनिंग करने के बाद शनिवार को उन्हें भारतीय सेना में कमीशन मिला। नरेंद्र के पिता महावीर फिलहाल सफीदों अदालत में नायब कोर्ट के पद पर कार्यरत हैं। नरेंद्र भारद्वाज ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि हौसले के माध्यम से किसी भी मुकाम को हासिल किया जा सकता है। इसके लिए ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं को भी अपने लक्ष्य को निर्धारित करके हौंसले के साथ आगे बढऩा चाहिए। दृढ इच्छा शक्ति के साथ की गई मेहनत कभी विफल नहीं होती है। नरेंद्र की इस उपलब्धि पर उसके गांव पेटवाड़ में भी खुशी का माहौल है और जल्द ही गांव में उनके सम्मान में कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।

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