स्वतंत्रता दिवस स्पेशल पेज


 

Breaking News

विदेश में बंदी बेटे को स्वदेश लाने के लिए खट्टखटाया अदालत का दरवाजा

विदेश में बंदी बेटे को स्वदेश लाने के लिए खट्टखटाया अदालत का दरवाजा
नारनौंद :
साहब मेरा बेटा विदेश में बंदी है उसको छुड़वाकर वापिस स्वदेश लाया जाए। इस गुहार को लेकर सुलचानी गांव की एक दुखिया मां भतेरी देवी अधिकारियों के सामने काफी बार गुहार लगा चुकी है। लेकिन अब तक कोई कार्यवाही नहीं हुई। इसको लेकर महिला ने राष्ट्रपति व विदेश मंत्रालय को भी पत्र लिखा है और अंत में उन्होनें कोर्ट का दरवाजा खट्टखटाया। कोर्ट के निर्देष पर पुलिस ने मामला दर्ज किया और इसकी जांच आरंभ कर दी है। अब देखना होगा कि विदेश में बंदी अनिल कब तक अपने वतन वापिस लौटता है।
सुलचानी निवासी भतेरी देवी ने अदालत में इतगासा दायर कर आरोप लगाया है कि गांव सुलचानी के ही एक व्यक्ति हरीश ने विदेश में नौकरी का लालच देकर उसके बेटे अनिल को विदेश भेजने के लिए कहा कि उसको वहां पर लाखों रूपयों का पैकेज दिलवाकर उसकी जिन्दगी संवार देगा। इस काम में उसके साथ करनाल निवासी धमेन्द्र व डपोली गांव के रोहित भी साथ में था। तीनों ने कहा कि विदेश भेजने के लिए दो लाख रूपए खर्च आएगा। जिनमें से एक लाख शुरूआत में ही देने होगें। उसके बाद उन्होनें अनिल का पासपोर्ट बनवाया और कुछ कागजात पर हस्ताक्षर करवा लिए गए और 27 मार्च 2017 को तीनों युवकों ने अनिल को दिल्ली के एयरपोर्ट से सऊदी अरब रवाना कर दिया। अनिल को सऊदी अरब के एयरपोर्ट पर वहां के कुछ लोग लेने के लिए आ गए और उसको अपने साथ ले गए। जाते ही अब्दुला अल ओरनी कंपनी में उसके कागजात, पासपोर्ट, ड्राईविंग लाईसेंस सहित अन्य कागजात जमा करवा दिए और अनिल से दिन रात मजदूरी करवाने का काम शुरू कर दिया। कुछ दिन के बाद अनिल ने मौका मिलते ही फोन पर अपनी आपबीती सुनाते हुए कहा कि उसको यहां पर बंधुवा मजदूर बनाकर रखा गया है। अगर मैं कुछ दिन ओर यहां पर रह गया तो वो जिन्दा नहीं रहेगा और उसके पासपोर्ट की अवधि भी खत्म हो चुकी है। उसको वापिस बुलाने के लिए तीनों युवकों से संपर्क किया तो उन्होनें वापिस बुलाने की एवज में फिर से दो लाख रूपए देने की मांग की है। उन्होनें चेतावनी दी कि अगर पैसे नहीं दिए तो अनिल इस देश का मुंह कभी नहीं देख पाएगा।
बॉक्स
पीडि़त भतेरी देवी ने अधिकारियों के सामने गुहार लगाई कि वो बहुत गरीब है और उसके बेटे को विदेश में बंदी बनाया हुआ है। उसको वहां से छुड़वाकर वापिस भारत लाया जाए। तो किसी भी अधिकारी ने कोई सुध नहीं ली। आखिरकर पीडि़ता ने हांसी की अदालत का दरवाजा खट्टखटाया तो अब कुछ उम्मीद की किरण नजर आई है कि अदालत उसके बेटे को वापिस लाने में उसकी पूरी मद्द करेगी।

कोई टिप्पणी नहीं

Thanks

Home; | DMCA; | Disclaimer; | Privacy Policy; | About Us; | Contact Us; |