Sports News Haryana: Pranjal Singhwa won silver medal in Khelo India University Games
तबीयत खराब होने के चलते फाइनल मैच नहीं खेल पाई प्रांजल सिंघवा
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| जीत के बाद अपने मेडल दिखाती खिलाड़ी प्रांजल सिंघवा। |
Haryana News Narnaund :गांव सिंघवा खास की बेटी प्रांजल सिंघवा ने खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में सिल्वर मेडल हासिल किया है। लेकिन तबीयत खराब होने के चलते प्रांजल सिंघवा फाइनल मैच नहीं खेल पाई। जिसके कारण उसको सिल्वर मेडल में ही संतोष करना पड़ा। उसने यह मैडल जीतकर देश व प्रदेश का नाम रोशन किया है। अखिल भारतीय अंतर विश्वविद्यालय बॉक्सिंग महिला प्रतियोगिता लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी फगवाड़ा में 19 से 23 जनवरी तक आयोजित की गई थी। फिलहाल वह नेशनल बॉक्सिंग अकैडमी रोहतक में यूथ वूमेन की चीफ कोच अमनप्रीत कौर से प्रशिक्षण ले रही हैं। वहीं इससे पहले पंचकूला से वीरेंद्र डांगी व राजबीर से भी प्रशिक्षण ले चुकी हैं।
प्रांजल के पिता संदीप कुमार पंचकूला सीआईडी में एएसआई के पद पर तैनात हैं। जबकि मां सुदेश गृहिणी हैं। दोनों ने बेटी को इस मुकाम तक पहुंचाने में उसकी पूरी स्पॉट की है। प्रांजल सिंघवा ने इसका श्रेय अपनी चीफ कोच अमनप्रीत कौर, वीरेंद्र डांगी व राजबीर के साथ-साथ अपने माता-पिता व दादा-दादी को भी दिया है। चीफ कोच अमनप्रीत कौर ने बताया कि प्रांजल सिंघवा में गजब की प्रतिभा है। महज 9 साल के खेल कॅरिअर में प्रांजल ने अनेक उपलब्धियां हासिल कर देश व प्रदेश का नाम रोशन किया है। अगर वह इसी प्रकार कठिन परिश्रम करती है तो वह दिन दूर नहीं जब वह ओलंपिक में भी पदक अपने नाम करेगी।
सिंघवा खास के युवा ग्राम वेलफेयर सोसायटी के प्रधान अशोक कुमार, ईश्वर सिंघवा, राकेश, अनूप सिंघवा, सोनी, अमित कुमार, सोनू, दर्शन, सोमबीर व विनय ने कहा कि मुक्केबाज प्रांजल सिंघवा ने अनेक प्रतियोगिताएं जीतकर गांव, प्रदेश व देश का नाम रोशन किया है। उनकी सोसायटी की तरफ से जल्द ही प्रांजल सिंघवा के स्वागत में गांव में एक कार्यक्रम कर उन्हें सम्मानित किया जाएगा। युवा ग्राम वेलफेयर सोसायटी का गठन सामाजिक विकास, कल्याण, खेलों को बढावा देने, शिक्षा के स्तर को सुधारने आदि कार्यो के लिए किया गया है।
दादा रामफल व दादी सुमाती देवी ने कहा पौती पर गर्व है
प्रांजल सिंघवा के दादा रामफल व दादी सुमाती देवी ने कहा पौती पर उन्हें बहुत गर्व है। आज बेटियां बेटों से भी ज्यादा पदक जीतकर देश का मान बढ़ा रही है। उसकी प्रेरणा उसके चाचा विकास यादव हैं। वह तीन बार के ओलंपियन हैं। उनसे ही बॉक्सिंग की प्रेरणा उसको मिली। हमारी इच्छा है कि हमारी पौती ओलंपिक में देश के लिए स्वर्ण पदक जीतकर लाए।
ये उपलब्धियां की हासिल :
63वें नेशनल स्कूल बॉक्सिंग 2017, देहरादून, उत्तराखंड में स्वर्ण
64वें नेशनल स्कूल बॉक्सिंग 2018, गुवाहाटी, असम में स्वर्ण
प्रथम सब जूनियर बॉक्सिंग 2018, नागपुर, महाराष्ट्र में स्वर्ण।
पहले खेलो इंडिया स्कूल गेम्स 2018, दिल्ली में सिल्वर
पहले खेलो इंडिया यूथ गेम्स 2019, पुणे, महाराष्ट्र में सिल्वर।
दूसरे खेलो इंडिया यूथ गेम्स, 2020, गुवाहाटी, असम में कांस्य।
चौथी राष्ट्रीय जूनियर बॉक्सिंग चैंपियनशिप 2021, सोनीपत, हरियाणा में स्वर्ण।
एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप 2021, दुबई, यूएई में गोल्ड।
जॉर्डन, अम्मान में आयोजित एशियाई मुक्केबाजी चैंपियनशिप में कांस्य
चेन्नई में आयोजित 5वीं यूथ नेशनल बॉक्सिंग चैंपियनशिप जुलाई 2022 में - स्वर्ण पदक
सुबोटिका सर्बिया में आयोजित गोल्डन ग्लव्स बॉक्सिंग चैंपियनशिप 2022 में - रजत पदक
भोपाल में आयोजित यूथ नेशनल बॉक्सिंग चैंपियनशिप 2023 में - स्वर्ण पदक
कजाकिस्तान में आयोजित एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप 2023 में - रजत पदक
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