स्वतंत्रता दिवस स्पेशल पेज


 

Breaking News

आधी रात को फिर से पंचकूला में बरसी सरपंचों पर लाठियां, हाईकोर्ट के आदेश पर पुलिस ने उखाड़े सरपंचों के तंबू !

 Haryana Panchkula news Panchkula again lathi charge on sarpanches at midnight


तहलका न्यूज, पंचकूला


ईटेंडरिंग को लेकर पंचकूला में पक्का धरना लगाए बैठे सरपंचों पर शनिवार की रात फिर से कहर टूट कर बरसी है। क्योंकि रात करीब 10 बजे भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंची और धरना दे रहे प्रदर्शनकारी सरपंचों के पक्के तंबुओं को पुलिस ने उपहार दिया और जब सरपंचों ने इसका विरोध किया तो पुलिस को उन पर हल्का लाठीचार्ज भी करना पड़ा। 












ACP कम एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट ने दिया नोटिस

सरपंचों को रोड ब्लॉक करने पर ACP कम एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट ने नोटिस जारी कर दिया था, जिसमें उन्हें 2 घंटे में रोड ख़ाली करने को कहा गया है। नोटिस में चेतावनी दी गई कि अगर वह दिए टाइम में रोड़ खाली नहीं करेंगे। तो रविवार 10 बजे एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के समक्ष अपने बयान दर्ज करवाने होंगे। पुलिस ने दर्जनों सरपंचों को हिरासत में लिया है। सरकार व पुलिस को कल सुबह HC में रिपोर्ट सौंपनी है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में सरकार और पुलिस की किरकिरी ना हो। इसके लिए पुलिस ने देर रात इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया। 










जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने दिए आदेश

सरपंचों के धरना प्रदर्शन के चलते पंचकूला चंडीगढ़ रोड सड़क जाम को लेकर एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट पंचकूला पुलिस को शनिवार रात 10 बजे तक रोड़ खाली करवाने और कोर्ट स्टेटस रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए थे। इसको लेकर सरकार से भी जवाब तलब किया गया था।











 








सरकार ने सख्त रुख अख्तियार किया तो .....

जब सीएम मनोहर लाल खट्टर के आवास का घेराव करने जा रहे सरपंचों को पुलिस ने बेरिकेट्स लगाकर रोका तो सरपंचों ने वहीं पर सड़क पर बैठकर धरना शुरू कर दिया था जिसके कारण चंडीगढ़ पंचकूला मार्ग दोनों तरफ से आवाज ही बंद हो गई थी। इसको लेकर सरकार ने सख्त रुख अख्तियार किया तो सरपंचों ने एक तरफ से सड़क को खाली करते हुए वाहनों की आवाजाही के लिए छोड़ दिया था। पुलिस ने शनिवार की देर रात इस सड़क को पूरी तरह से खाली करवा दिया है। 












सरपंचों और पुलिस में समझौता 

सरपंच और पुलिस प्रशासन के बीच एक फैसला हुआ था कि जिसमें हरियाणा सरपंच एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष रणबीर सिंह समैण सहित अनेक सरपंचों के हस्ताक्षर हैं। जिसमें कहा गया था कि अगर पुलिस प्रशासन कोई सख्त कार्रवाई नहीं करेगा तो सरपंच अपनी मांगों को लेकर एक साइड में बैठकर अपना धरना प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से चलाते रहेंगे। 












सरपंच एसोसिएशन ने यह भी एलान कर दिया कि वो इस बार हाउसिंग बोर्ड पर ही ही काली होली मनाएंगे। शनिवार सुबह साढ़े 11 बजे एसीपी सुरेंद्र यादव धरनारत सरपंच एसोसिएशन के सदस्यों के बीच पहुंचे। उन्होंने सरपंचों से लिखित में आश्वासन लिया कि उनकी एसोसिएशन का कोई भी सदस्य या प्रदर्शनकारी चंडीगढ़ की ओर कूच नहीं करेगा।











घर बसने से पहले ही उजड़ गया


जैसे ही पंचकूला पुलिस ने सरपंचों को हाउसिंग बोर्ड के पास रोका तो उन्होंने वहीं पर सड़क पर डेरा डाल करना शुरू कर दिया था। पहले दिन तो सरपंचों को खाने के लिए काफी परेशानी का सामना करना पड़ा और होने होटलों से मंगवा कर खाना खाना पड़ा। सरपंचों के रूप से ऐसा लग रहा था कि किसान आंदोलन की तरह को एक बड़ी लड़ाई लड़ने का मन बना चुके हैं। इसके लिए उन्होंने 2 मार्च को सेक्टर 5 में हलवाई से खाना बनवाया और धरना स्थल पर चाय पानी की व्यवस्था की। लेकिन शनिवार तक खाना धरना स्थल पर ही बनने लगा था । जिसके बाद सरपंचों के आंदोलन को विभिन्न संगठनों का  भी समर्थन मिलने लगा था, जिससे उनका आंदोलन लगातार मजबूत होता जा रहा था।








हरियाणा के सरपंचों को मिला राष्ट्रीय सरपंच संघ का समर्थन, समर्थन देने पहुंचे राष्ट्रीय अध्यक्ष

ई टेंडरिंग को लेकर सरपंचों और सरकार के बीच बातचीत बनती दिखाई नहीं दे रही है। शनिवार रात को सरपंचों पर हुई कार्रवाई से पहले राष्ट्रीय सरपंच संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयराम पलसानिया हाउसिंग बोर्ड पर समर्थन देने पहुंचे। उन्होंने कहा कि सरपंचों को अपने हक के लिए मजबूती से लड़ना चाहिए। पूरे देश के सरपंच उनके आंदोलन के साथ हैं। इस आंदोलन में जब भी उनकी किसी भी प्रकार से मदद की जरूरत होगी तो वो पीछे नहीं हटेंगे। वहीं पूर्व विधायक एवं आम आदमी पार्टी नेता निर्मल सिंह भी धरने पर समर्थन देने पहुंचे।











हाईकोर्ट की फटकार के बाद हरकत में आया प्रशासन 

हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को रात दस बजे तक की मोहलत दी थी। हाई कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि सरकार किसी भी तरह रात 10 बजे तक कानून का पालन करते हुए इस रास्ते को खुलवाएं । अगर ऐसा नहीं कर पाई तो सोमवार को पंचकूला पुलिस कमिश्नर और जिला उपायुक्त को खुद कोर्ट में पेश होकर इसका जवाब देना होगा। हाईकोर्ट के ग्रुप के बाद सरकार और पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया। बड़ी संख्या में पुलिस बल के साथ डीसीपी सुमेर प्रताप सिंह मौके पर पहुंचे और हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए सरपंच एसोसिएशन के सदस्यों को रास्ते से हटाने के लिए कहा गया। लेकिन चर्चा करने के बाद प्रदर्शनकारी सरपंचों ने सड़क से हटने से मना कर दिया। 











वाहन चालकों के लिए चंडीगढ़ पंचकूला हाईवे बहाल

पंचकूला पुलिस में एसीपी अर्शदीप ने बताया कि पंचकूला में चल रहे सरपंचों के धरने के कारण चंडीगढ़ पंचकूला मार्ग बाधित हो गया था जिसके चलते सरपंचों के धरने कहां से हटाने के लिए कुछ सरपंचों को हिरासत में लिया गया है। अब रास्ता बिल्कुल साफ है। अब वाहन चालकों को किसी भी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं होगी।





सरपंचों का आंदोलन रहेगा जारी, 11 मार्च को करनाल में सीएम हाउस का घेराव - समैण 

सरपंच एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष रणबीर सिंह समैण ने कहा कि पुलिस प्रशासन ने जबरन उन्हें वहां से हटाया गया है जब वो उसका विरोध कर रहे थे तो उनके करीब 60 साथियों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया और रोड़वेज बस में भरकर पुलिस लाइन ले गई। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी है कि अगर 9 मार्च तक उनकी सभी मांगों को पूरा नहीं किया गया तो 11 मार्च को करनाल में मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा। इस दौरान पुलिस ने कोई कार्रवाई करने की कोशिश की तो उसके गंभीर परिणाम होंगे।








आपको बता दें कि 3 दिन पहले ही सरपंचों ने चंडीगढ़ में हरियाणा सीएम के निवास के घेराव के लिए 20 हजार सरपंच पंचकूला में जमा हुए थे। जिनको पंचकूला पुलिस ने चंडीगढ़ में घुसने से पहले ही उन्हें रोकना चाहा तो सरपंचों ने पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़ दिए। जिसके बाद पुलिस ने सरपंचों को सड़कों पर दौड़ा-दौड़ाकर पीटा था। जिसमें 100 से ज्यादा सरपंच और पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। इसके बाद पुलिस ने सरपंचों के खिलाफ सड़क पर जाम लगाने, धारा 144 का उलंघन करने सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। पुलिस और सरकार की इस कार्रवाई से खफा होकर सरपंच पंचकूला में पक्का धरना लगाकर बैठे हुए थे।














1 मार्च को जब पंचकूला मैं सरपंच इकट्ठा होकर मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने जा रही थी तो पुलिस और सरपंचों के बीच काफी झड़प हो गई थी। लाठीचार्ज के विरोध में सरपंचों ने सड़क पर जाम लगा दिया था। स्थिति को भागते हुए सरकार ने सर पत्तों से बातचीत का मन बनाया और मुख्यमंत्री के ओएसडी भूपेश्वर दयाल पंचकूला सरपंचों से बातचीत करने के लिए पहुंचे। लेकिन सरपंचों ने उनसे बातचीत करने से मना करते हो कह दिया कि वह मुख्यमंत्री के अलावा अब किसी से बात नहीं करेंगे। इसके बाद 2 मार्च को हरियाणा पुलिस के डीआईजी और सरपंचों के बीच वार्ता हुई तो डीआईजी ने बताया कि बातचीत सकारात्मक हुई है। जल्दी ही मुख्यमंत्री से सरपंचों के प्रतिनिधिमंडल की बातचीत करवाई जाएगी। ‌ सरकार के पास भेजी तो मुख्यमंत्री ने 9 मार्च को बातचीत के लिए सरपंचों को समय दे दिया। 











गौरतलब है कि पिछले 2 महीने से प्रदेश भर के सरपंच ई टेंडरिंग को लेकर सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद कर रहे हैं‌ और सरकार की मांगों को अनसुना करते हुए इसे गांव के विकास के लिए मील का पत्थर साबित करने में लगी हुई है। हरियाणा के पंचायत मंत्री देवेंद्र सिंह सहित प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ई टेंडरिंग के मुद्दे को सिरे से खारिज कर चुके हैं कि गांव के विकास में ई टेंडरिंग को किसी भी सूरत में खत्म किया जाएगा।





ये पढ़ें आपके लिए खास है : 

केंद्रीय मंत्री की मौजूदगी में भिड़े भाजपा समर्थक, मंच पर तोड़ा माइक !

हाईकोर्ट के सख्त रुख से हरियाणा सरकार के छूटे पसीने....

खबरों से अपडेट बने रहने के लिए गूगल न्यूज़ को फॉलो करें और शेयर करें

कोई टिप्पणी नहीं

Thanks

Home; | DMCA; | Disclaimer; | Privacy Policy; | About Us; | Contact Us; |