SBS senior secondary School madha में पेरेंटिंग वर्कशाप, 600 से ज्यादा अभिभावकों ने की शिरकत !
तहलका न्यूज हिसार / सुनील कोहाड़
बच्चों को जैसा माहौल घर और स्कूल में मिलता है उनके अंदर ऐसे ही संस्कार अपने आप पैदा हो जाते हैं। इसलिए बच्चों को संस्कारवान बनाने में अध्यापकों के साथ-साथ माता-पिता की भी अहम भूमिका होती है। इसलिए इसको हमें अपना कर्तव्य समझते हुए पूरी निष्ठा ईमानदारी के साथ इसका पालन करना चाहिए ताकि एक सभ्य समाज की नींव मजबूत बनाए जा सके। उक्त शब्द एस० बी० एस० स्कूल, माढ़ में पेरेंटिंग वर्कशाप में मुख्य वक्ता मनोवैंज्ञानिक डाॅ० हरिपाल सिंह पिलानिया ने बच्चों के अभिभावकों व अध्यापकों को संबोधित करते हुए कहे। उन्होंने कहा कि उन दोनों को मिलकर उस बड़े और महत्त्वपूर्ण कार्य को कैसे अंजाम देना चाहिए। उसके लिए बच्चों का ध्यान देकर उनका हौसला बढ़ाकर एवं बिना थके उनके साथ मेहनत करके हम उन्हें उनके उज्जवल भविष्य की और ले जा पाएगें और निश्चित ही जिम्मेदवार और सफल नागरिकों का निर्माण कर पायेंगे।
डॉ० पीकीं बल्हारा ने बताया कि कोविड समय के दैरान बच्चों में कुछ गलत आदतों का विकास हो गया है जिनका असर उनकी पढ़ाई पर भी पड़ता है। हम एक जागरूक अभिभावक के तौर पर उनका समाधान किस प्रकार कर सकते हैं उसके बारे में अभीभावकों को अपने अनुभवों से समझाया।
स्कूल के डारेक्टर डॉ० सुनील चहल ने बताया कि एस० बी० एसी० स्कूल, माढ़ा में बच्चों के विकास कि लिए उनके अभीभाकों को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभानी होती है जिसके लिए स्कूल में समय - समस पर पैरेंटस के लिए इस तरह के वर्कशाप का आयोजन किया जाता है और उनका परिणाम भी बच्चों व अभिभावकों पर देखने को मिलता भी है।
अध्यापक विकास ने एस० बी० एसी० स्कूल, माढ़ा ओरो से अलग क्यों है व अध्यापक भानुप्रताप ने स्कूल में बच्चों के विकास के लिए की जाने वाली गतिविधियों के बारे में बताया। उसमें प्रिंसिप्ल सरोज चहल ने अभिभावकों को नई शिक्षा नीति व नयेे पाठ्यक्रम के बारे मे जानकारी दी। इस अवसर पर कोडिनेटर मंजु, रीना, शालू, नीतू, पूजा, कृष्ण, सन्दीप, प्रदीप, सोनिया, रेखा, गीता आदि मौजूद रहे।

कोई टिप्पणी नहीं
Thanks