हिसार जिले के 17 गांव के किसान पैदल मार्च निकालते हुए जिला मुख्यालय पहुंचे !
Haryana Hisar news Farmers of 17 villages of Hisar district reached the district headquarters by taking out a foot march
तहलका न्यूज हिसार / सुनील कोहाड़
हिसार जिले के नारनौंद क्षेत्र के 17 गांवों के किसान जलभराव के पानी की निकासी व अन्य मांगों को लेकर मंगलवार को जिला मुख्यालय पहुंचे। किसानों ने कहा कि डिप्टी सीएम के साथ जो समझौता हुआ था, उसे लागू किया जाए। हमारे एरिया में जलभराव है, न तो पाइप लाइन बिछाई गई है और न ही ड्रेन से पानी निकाला जा रहा है। उन्हें केवल झूठ का 500 एमजी का कैप्सूल बिना पानी के दिया जा रहा है।
संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य और भारतीय किसान मजदूर यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कोथ ने कहा कि 17 गांवों के किसानों की मुआवजे को लेकर डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला के साथ किसानों का जो समझौता हुआ था, उसको अब तक पूर्ण रूप से लागू न करके प्रशासन द्वारा उचित सहायता राशि नहीं दी जा रही है। सुरेश कोच ने कहा कि हलके के काफी गांव में बारिश के सीजन में जलभराव हो जाता है और उस पानी की निकासी का आज तक कोई ठोस प्रबंध नहीं किया गया है। जिसका ताजा उदाहरण दर्जनों गांव में आज भी बारिश का पानी लबालब खेतों में भरा हुआ है । जिसके कारण किसानों की खरीफ की फसल तो नष्ट हो ही गई है साथ ही रबी की फसल की बिजाई भी नहीं हो पाई। जिसके कारण किसानों के परिवार भुखमरी के कगार पर पहुंच गए हैं।
किसानों ने कहा कि उनके गांव में बारिश से पहले पानी निकासी की उचित व्यवस्था की जाए। ताकि हर साल होने वाली इस परेशानी से छुटकारा मिल सके। उन्होंने कहा कि CSC केंद्रों पर जिन किसानों का फसल बीमा काटा गया था, उनको सरकार द्वारा रद्द कर दिया गया है। उस फसल बीमा पॉलिसियों को वैध कर किसानों को फसल खराबे का क्लेम दिया जाए। सुखा पाला गिरने की वजह से प्रदेश में काफी जगह सरसों की फसल में जो नुकसान हुआ है। उस नुकसान की भरपाई के लिए सरकार जल्द से जल्द स्पेशल गिरदावरी करवाकर मुआवजा दे। बाजरे की फसल की खरीद के लिए जो भावांतर स्कीम प्रदेश सरकार ने लागू की थी। उस भावांतर स्कीम का पैसा आज तक काफी किसानों को नहीं मिला है। उसे तुरंत प्रभाव से देने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
किसानों की पैदल यात्रा 10 फरवरी को खेडी चौपटा से शुरू हुई थी। चार दिन तक किसान पैदल 60 किलोमीटर की दूरी तय कर मंगलवार को हिसार जिला मुख्यालय पहुंचे। इस दौरान किसानों ने फसलों के मुआवजे व खेतों में भरे पानी की निकासी की मांग को लेकर जिला मुख्यालय का घेराव कर धरना प्रदर्शन किया । डीसी उत्तम सिंह ने किसानों को बातचीत के लिए बुलाया तो 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल जिला उपायुक्त से बातचीत करने के लिए पहुंचा। किसानों और जिला उपायुक्त के बीच हुई बातचीत में सहमति बनने के बाद किसानों ने यात्रा का समापन कर आंदोलन खत्म कर दिया।
किसान नेता सुरेश कौथ ने बताया कि जिला उपायुक्त से बातचीत में सहमति बन गई है कि सभी तहसीलों का मुआवजा एक सप्ताह के अंदर बिना किसी कांट-छांट के किसानों के खातों में डाल दिया जाएगा। पाले से खराब हुई सरसों की जल्द से जल्द गिरदावरी करवाई जाएगी। वहीं जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान मानसून के आने से पहले कर दिया जाएगा। जिन किसानों के सीएससी केंद्रों के माध्यम से फसल बीमा किए गए हैं वे बीमे मान्य होंगे।भावान्तर योजना के पैसे किसानों को खाते में डाले जाएंगे। खानपुर और मिर्जापुर का लंबित मुआवजा तुरंत प्रभाव से दे दिया जाएगा
इस यात्रा में पगड़ी संभाल जट्टा, भारतीय किसान यूनियन भगत सिंह, भारतीय किसान यूनियन सर छोटूराम के अलावा खापों के प्रतिनिधियों ने भी किसानों का समर्थन करते हुए पैदल मार्च कर जिला मुख्यालय पहुंचे थे।

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