नारनौंद तहसील में फर्जी रजिस्ट्री व इंतकाल का खेल, तहसीलदार, पटवारी सहित नौ के खिलाफ मामला दर्ज
प्लॉट धारक ने एसडीएम से की शिकायत तो जांच में पाई फर्जी रजिस्ट्री
नारनौंद : सुनील कोहाड़ / तहलका न्यूज
नारनौंद तहसील में भी फर्जी रजिस्ट्री का खेल खेलने का मामला सामने आया है। जिसमें एक प्लॉट की फर्जी रजिस्ट्री व इंतकाल कर प्लॉट बेचने का मामले में पुलिस ने प्लॉट के मालिक के बयान पर नारनौंद के तहसीलदार सहित 9 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच आरंभ कर दी है। प्लॉट के मालिक ने इसकी शिकायत नारनौंद के एसडीएम विकास यादव को शिकायती थी तो जांच में रजिस्ट्री फर्जी पाई गई।
नारनौंद निवासी धर्मपाल मित्तल ने बताया कि बसंती माता मंदिर के पास उसका एक कनाल 12 मरले का प्लॉट है। पटवारी रामअवतार शमा, मदन गोपाल, सरजीवन ने गिरोह बनाकर गलत तरीके से प्लॉट हड़पने के उद्देश्य से 15 अप्रैल 1987 को उसके प्लॉट की फर्जी रजिस्ट्री तैयार की और 27 जून को फर्जी रजिस्ट्री का इंतकाल भी करवा लिया।
धर्मपाल मितल ने नारनौंद के तहसीलदार, पटवारी व कानूनगो पर भी जालसाजी में शामिल होने के आरोप लगाए हैं। नारनौंद पुलिस ने धर्मपाल मित्तल की शिकायत पर जगदीश कॉलोनी हांसी निवासी मदन गोपाल, नारनौंद निवासी सरजीवन, पटवारी मनोज, कानूनगो कुलदीप पूनिया, तहसीलदार अनिल कुमार, वसीका नवीस जयबीर सैनी, नारनौंद निवासी हरिओम, पटवारी रामअवतार शर्मा, सरबरा नंबरदार देवेंद्र कुमार व अन्य के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है।
धर्मपाल ने 24 जनवरी को नारनौंद के एसडीएम विकास यादव को शिकायती दी थी। जब एसडीएम ने जांच की तो जांच में रजिस्ट्री फर्जी मिर्ली। धर्मपाल मित्तल ने आरोप लगाया है कि पटवारी रामअवतार शर्मा ने अन्य लोगों के साथ गिरोह बनाकर इस काम को अंजाम दिया। जब उसने इस बारे में पटवारी राम अवतार शर्मा से बात की तो उसने धमकी देते हुए कहा कि अब यह प्लॉट तुम्हारा नहीं है।
तहसीलदार अनिल कुमार से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि राजस्व विभाग में यह प्रावधान होता है कि अगर किसी कारण से कोई गलत रजिस्ट्री हो जाती है, तो उसको ठीक किया जा सकता है। इस मामले में जो रजिस्ट्री हुई थी उसको हमने रद्द कर दिया है। हम पर जो आरोप लगाए जा रहे हैं, वह बिल्कुल निराधार हैं।

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