परिंदों के लिए भीषण गर्मी में मसीहा बना जेबीटी अध्यापक !
पांच साल पहले अकेले ने उठाया कदम आज बना कारवां
पक्षियों के लिए पानी रखने के लिए जलकुंड वितरित करते हुए मां. सुरेश पानू।नारनौंद : सुनील कोहाड़ / तहलका न्यूज
हरियाणा सहित पूरे उत्तर भारत में लू के थपेड़ों ने लोगों का बुरा हाल कर रखा है, भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए लोग घरों में दुबकने के लिए मजबूर हैं। हर किसी का हीट वीव के चलते अप्रैल महीने में ही जून की गर्मी का अहसास करवा दिया है। पारा 45° पार कर चुका है। इस भीषण गर्मी में लोगों की तरह बेजुबान पक्षियों को ही चुग्गे पानी के लिए अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन जेबीटी अध्यापक मास्टर सुरेश पानू ने गर्मी में अपने स्वास्थ्य की परवाह ना करते हुए इन परिंदों के लिए एक बार फिर से मसीहा बनकर मैदान में उतरे हैं। उनके द्वारा निस्वार्थ भाव से किए जा रहे इस अभियान की हर तरफ चर्चा हो रही है कि जहां लोगों को अपने कार्यो से ही फुर्सत नहीं है और मास्टर सुरेश पानू अपनी व्यस्तता भरे समय में से आराम करने के समय को पक्षियों की देखभाल में लगा रहे हैं।
गर्मी के मौसम में बढे हुए तापमान के साथ पानी की कमी के चलते हर साल बहुत सारे पक्षी दम तोड़ देते हैं। थुराना वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा 101 जलकुंड वितरित किए गए। थुराना वेलफेयर एसोसिएशन के टीम के सदस्य मास्टर सुरेश पानू बेजुबान पक्षियों के लिए विशेष प्रबंध करते हैं। वो पिछले 5 सालों से अपने गांव थुराना सहित नारनौंद क्षेत्र के दर्जनों गांव में पक्षियों के पानी के लिए स्कोरे तैयार करवाकर गांव व खेतों में पेड़ों पर रखवा कर पक्षियों के लिए दाना पानी की व्यवस्था करते आ रहे हैं। उनके द्वारा निस्वार्थ भाव से की जा रही सेवा की पूरे क्षेत्र में सहराना हो रही है। वहीं युवा वर्ग उनसे प्रेरणा लेकर अपने जेब खर्च में कटौती कर पक्षियों के लिए पानी का प्रबंध करने में लगे हुए हैं।
उन्होंने बताया कि पूरे विश्व का ध्यान मानव हित में लगा हुआ है वहीं इसी दौर में हम प्रकृति के हित को भूलते हुए जा रहे हैं जिससे प्रकृति के साथ-साथ पशु-पक्षी भी शामिल हैं। हर किसी का कर्तव्य बनता है कि इस गर्मी पक्षियों को दाना-पानी अवश्य रखे। ताकि वो भी गर्म हवाओं व लू के थपेड़ों से बचकर अपने चुजों का पालन पोषण कर सकें। इस मौके पर जंगबहादुर,सुरेंद्र , अशोक, रोबिन ,तनुज, विनोद, ईश्वर सिंह, सुनील ,रणबीर, राजेश, सुभाष,संदीप डीपी, जगदीश, प्रदीप, सुरेंद्र, राजेंद्र रज्जो, तनु, गुड्डी, रबिना, विजय, अमरदीप, जग्गी, जंसवत जेइ, अनिल मौजूद थे।
टैगोर स्कूल के डायरेक्टर धर्मपाल सिंह ने बताया कि मास्टर सुरेश पानू द्वारा बहुत ही अच्छा कार्य किया जा रहा है। इससे युवाओं को अच्छी नसीहत मिल रही है। साथ ही गर्मी, सर्दी और कीटनाशकों के प्रयोग से विलुप्त हो रही पक्षियों की प्रजातियों को बचाने में मदद मिलेगी। इसके अलावा उनके इस कार्य से उम्मीद की किरण जगी है कि हमारी आने वाली पीढ़ियों को भी पक्षियों के संरक्षण के प्रति जागरूकता पैदा होगी।
प्रमुख समाज सेवी एवं सतरोल खाप के प्रधान रामनिवास लोहान ने कहा कि गर्मी के प्रकोप के कारण दूर दूर तक पक्षियों को पीने के लिए पानी नहीं मिल पा रहा और उनके छोटे बच्चे उड़ने में भी असमर्थ होते हैं। ऐसे में पक्षी भूखे प्यासे दम तोड़ रहे हैं। मास्टर सुरेश पानू ने जो ये बीड़ा उठाया है वो बहुत ही सहरानीय काम है। इससे पक्षियों को उनके घोंसलों के आसपास ही पीने के लिए पानी व खाने का प्रबंध करने से उन्हें नया जीवनदान मिल रहा है। इसलिए हमें भी अपने आसपास इस तरह से जलकुंड व अपनी छतों पर पक्षियों के लिए दाना डालना चाहिए। ये सबसे बड़ा पुण्य कमाने वाला काम है।

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