खेड़ी चौपटा पर बनी सहमति तो बास का उलझा पेंच, किया रोड़ जाम !
नगर पालिका का दर्जा बहाली के लिए ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर किया सांकेतिक रोड़ जाम
नारनौंद सुनील कोहाड़ / तहलका न्यूज
: गांव बास को तीन साल पहले नगर पालिका का दर्जा दे दिया गया था। लेकिन ग्रामीणों ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करके यह घोषणा करवा दी थी कि गांव को नगर पालिका नहीं बनाया जाएगा। इसको लेकर गांव के कुछ लोगों में नाराजगी हो गई और उन्होंने गांव को नगर पालिका का दर्जा समाप्त ना करने के लिए सरकार के खिलाफ पिछले कुछ दिनों से धरना शुरू कर दिया है। रविवार को ग्रामीणों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और प्रदर्शन करते हुए जींद भिवानी रोड सरकार को उचित आते हुए संकेतिक रोड जाम भी किया। वही उसी दौरान दो बाइक सवार युवकों के साथ झगड़ा भी हो गया।
करीब तीन साल पहले ग्रामीणों की मांग पर ही प्रदेश के पूर्व वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने गांव बास की पंचायत को नगर पालिका का दर्जा दे दिया गया था। उस समय किसी भी ग्रामीण को आपत्ति नहीं थी लेकिन करीब दो महीने पहले ग्रामीणों ने नगर पालिका का दर्जा समाप्त करवाने के लिए सरकार के खिलाफ धरना लगा दिया था और कई बार जींद भिवानी रोड को जाम भी किया था। उसके बाद सरकार की तरफ से शहरी निकाय मंत्री डॉ कमल गुप्ता ने धरने पर पहुंचकर यह घोषणा कर दी थी कि नगर पालिका का दर्जा समाप्त करके दोबारा से ग्राम पंचायत का दर्जा दे दिया जाएगा। मंत्री की इस घोषणा के बाद गांव की कुछ ग्रामीणों में रोष पैदा हो गया और उन्होंने गांव के ही जल घर में सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्शन करना शुरू कर दिया।
ग्रामीण पूर्व सरपंच रोशन शर्मा, रामनिवास, पूर्व सरपंच राजबीर, शमशेर मोर, अमित मोर, मास्टर राजकुमार, अनिल नरवाल, प्रदीप, योगी, पवन, निर्मला, रेखा, शर्मिला, प्रमिला, चंद्र, दयानंद शर्मा, जोगिंदर, अनूप, कृष्ण, ताराचंद इत्यादि ने रविवार को सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए 5 मिनट के लिए जींद भिवानी रोड पर संकेतिक जाम भी लगा दिया और चेतावनी दी कि सरकार एक तरफ तो गांव का विकास शहरों की तरह करने का नारा दे रही है। वहीं दूसरी तरफ हमारी नगर पालिका को दोबारा से गांव का दर्जा देकर हमें पीछे ले जाने का काम कर रही है। सरकार से मांग है कि नगर पालिका के दर्जे को समाप्त ना किया जाए। इसको लेकर ग्रामीणों ने तहसीलदार को ज्ञापन भी सौंपा।

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