पात्र परिवारों की आत्मनिर्भरता का आधार बनेगा अंत्योदय मेला : उपायुक्त नरेश नरवाल
मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना के तहत मेले का उपायुक्त ने किया शुभारम्भ
उचाना में लगे दो दिवसीय अंत्योदय मेले में पात्र परिवारों को दिया जाएगा सरकार द्वारा चलाई जा रही कल्याकारी योजनाओं का लाभ,
उपायुक्त नरेश नरवाल ने किया मेले का अवलोकन ।
(उचाना) पवन डाहौला
8 दिसंबर आजादी के अमृत महोत्सव में मुख्यमंत्री मनोहर लाल सरकार द्वारा शुरू की गई गरीब परिवारोंं की आय बढ़ाने के लिए खंड स्तर पर अंत्योदय मेले आयोजित करने पर योजना के तहत उचाना में दो दिवसीय अंत्योदय मेला का शुभारम्भ उपायुक्त नरेश नरवाल ने किया । उपायुक्त ने मेले में आए पात्र परिवारों सदस्यों से बातचीत की और विभागों द्वारा लगाई गई स्टालों का अवलोकन किया।
उचाना के एसडीएम कार्यालय के प्रांगण में लगाए गए अंत्योदय मेले में उचाना खंड से लगभग 15० पात्र परिवार पंहुचे। पात्र परिवारों ने एक ही स्थान पर आमजन से जुड़े 19 विभागों और विभिन्न बैंक के प्रतिनिधियों के साथ अपनी आय बढ़ाने के लिए मदद ली। मेले में पंहुचे पात्र परिवारों की आय बढ़ाने की दिशा में कौशल विकास के लिए ट्रेनिंग, ऋ ण सुविधा, बाजार की मांग के अुनसार स्वरोजगार शुरू करने आदि के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई । इच्छुक पात्र परिवारों को योजनाओं का लाभ लेने संबधित कागजात मेले में ही भरवाए गए और लोन संबंधित कागजात तैयार करवाए गए।
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पात्र परिवारों की आत्मनिर्भरता का आधार बनेगा अंत्योदय मेला : उपायुक्त नरेश नरवाल
उपायुक्त नरेश नरवाल ने अंत्योदय मेले में पहुंचे ग्रामीण व शहरी क्षेत्र कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करते हुए कहा कि आजादी के अमृत महोत्सव के दौरान खंड के 15० पात्र परिवारों की आय बढ़ाने के लिए अंत्योदय मेला आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री मनोहर लाल की सोच के अनुसार प्रदेश में कोई परिवार गरीबी की रेखा से नीचे न रहे। सरकार का प्रयास है कि हर परिवार की आय कम से कम एक लाख 8० हजार वार्षिक रूपये हो। उन्होंने कहा कि इस तरह के मेले आयोजित होने से पात्र परिवार आत्म निर्भर बन सकेंगे।
हर जरूरतमंद तक पंहुचेगा योजनाओं का लाभ । मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल की महत्वांकाक्षी योजना है। सभी संबधित विभाग, बैंक प्रतिनिधि और पात्र परिवारों को एक ही स्थान पर एकत्रित कर तत्काल योजना का लाभ देने की नीयत से अंत्योदय मेले आयोजित किए जा रहे हैंं। योजना के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए, इसके लिए मुख्यालय से वरिष्ठ अधिकारियों की डयूटी अंत्योदय मेले की निगरानी के लिए लगाई गई है उन्होंने कहा कि सरकार ने एक ही स्थान पर सभी संबधित विभागों और बैंक प्रतिनिधियों को बैठाया है ताकि पात्र परिवारों के तत्काल कार्य हो सकें। अंत्योदय मेले गरीब परिवारों को आत्म निर्भर बनाने की दिशा मेंं सकारात्मक पहल है। ग्रामीण क्षेत्र मेंं पशु पालन आय बढ़ाने का बेहतर कार्य है। इस अवसर पर एसडीएम उचाना राजेश कोथ ने जानकारी देते हुए कहा कि इस योजना का लक्ष्य पंक्ति में खड़े अंतिम परिवार को आगे लाना है । इसलिए कई योजनाएं चिन्हित की गई हैं जो इन परिवारों की आमदनी बढ़ाने में मददगार होंगी। इनमें पात्रता के लिए एससी, बीसी, महिला, दिव्यांग को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि स्वरोजगार के लिए कृषि, मत्स्य, पशुपालन व डेयरी जैसे व्यापारिक, औद्योगिक क्षेत्रों में व्यवसाय के साथ-साथ स्किलिंग में निपुण करने के लिए कंप्यूटर, चालक, सिलाई कढाई आदि के प्रशिक्षण भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि अभियान के पहले चरण में 5० हजार से एक लाख रूपए वार्षिक आय तक के परिवारों को आय दोगुनी करना है। इस अवसर पर बीडीपीओ आर के चान्दना सहित अन्य विभागाध्यक्ष और बैंक प्रतिनिधि मौजूद रहे

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