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हरियाणा रोडवेज का चक्का जाम, यात्री परेशान, प्राइवेट बस संचालकों की चांदी, बीच रास्ते में फंसे लोग

 Haryana Roadways chakka jam, passengers upset, private bus operators resort to silver

दिन भर बस स्टैंडों पर बसों के इंतजार में भटकते रहे यात्री 

हरियाणा  न्यूज / सुनील कोहाड़

सांझा मोर्चा के आह्वान पर रोडवेज कर्मचारियों ने बुधवार को चक्का जाम करने का ऐलान किया था। बुधवार के सुबह से ही रोडवेज की सभी बसों को बस स्टैंड परिसर में खड़ा कर कर्मचारियों ने बस स्टैंड के गेट पर धरना प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। रोडवेज कर्मचारियों के चक्का जाम से बसों में सफर करने वाले यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। वहीं प्राइवेट बसों में भारी भीड़ के चलते हैं प्राइवेट बस संचालकों ने जमकर चांदी कूटी।






अंबाला में रोडवेज बस चालक राजवीर की हत्या के मामले में मंगलवार को डीसी से वार्ता विफल होने के बाद हरियाणा रोडवेज सांझा मोर्चा के कर्मचारियों ने बुधवार को चक्का जाम करने का ऐलान किया था। बुधवार को पूरे प्रदेश में रोडवेज बसों का पहिया जाम रहा। जिसके कारण रोडवेज बसों में सफर करने वाले यात्रियों को तो भारी परेशानियों का सामना करना ही पड़ा साथी स्कूल कॉलेज में पढ़ने जाने वाले छात्र-छात्राओं को प्राइवेट बसों में किराया देकर अपने शिक्षण संस्थानों तक पहुंचना पड़ा। प्राइवेट बसों में भारी भीड़ के चलते काफी छात्र-छात्राएं अपने शिक्षण संस्थानों में नहीं पहुंच पाए। जो प्राइवेट बसें अपने निर्धारित रूटों पर भी एक या दो दिन छोड़कर चलती थी वह सभी बसें बुधवार को सड़कों पर दौड़ती नजर आई। 






बसों की छत्तों पर बैठ कर सफर करने को मजबूर यात्री

रोडवेज का चक्का जाम होने के बाद बुधवार को प्राइवेट संचालकों ने जमकर चांदी कूटी। आम बसों में करीब 52 यात्रियों के बैठने की सीटिंग होती है। लेकिन चक्का जाम के कारण इन बसों में सवा सौ से डेढ़ सौ यात्री सफर करते दिखाई दिए। इतनी भारी भीड़ के कारण बुजुर्गों व छोटे बच्चों का बुरा हाल था। अपने गंतव्य तक पहुंचाने के लिए लोग बसों की चो पर बैठकर भी सफर करने के लिए मजबूर दिखाई दिए। शहर से लेकर गांव तक हर बस स्टैंड पर यात्रियों की भारी भीड़ देखने को मिल रही थी।





बीच रास्ते में फंसे लोग

बस स्टैंड पर खड़े यात्रियों ने बताया कि सुबह से बसों का इंतजार कर रहे हैं। लेकिन जो भी प्राइवेट बस आती है वह आते ही खचाखच भर जाती है। जिसकी वजह से बुजुर्गों व छोटे बच्चों वाली महिलाओं को इन बसों में चढ़ने का मौका नहीं मिलता। अब बीच रास्ते में फंसे हुए हैं और यह समझ में नहीं आ रहा है की जाए तो जाए कहां क्योंकि वापस जाने के लिए भी कोई साधन नहीं मिल रहा। बच्चों का रो रो कर बुरा हाल है। कुछ यात्रियों बताया कि अगर उन्हें पहले मालूम होता कि आज चक्का जाम है तो वो घर से ही नहीं आते। कर्मचारियों के भी अपनी मांग में मनवाने के लिए इस तरह का चक्का जाम नहीं करना चाहिए। इस तरह के चक्का जाम से सरकार को तो कोई कठिनाई नहीं होती बल्कि आम जन ही परेशान होता है। 




पुलिस ने की कर रखे थे सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध

रोडवेज कर्मचारियों के चक्का जाम के ऐलान के तुरंत बाद ही सभी जिलों की पुलिस हरकत में आ गई थी। पुलिस कप्तानों ने अपने-अपने जिलों के अधीन आने वाले बस स्टैंड ऊपर सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध कर दिए थे। ताकि किसी भी अपरिय घटना होने से रोका जा सके। चक्का जाम के दौरान पुलिसकर्मी भी यात्रियों को बसों में चढ़ाते हुए वह उनकी मदद करते दिखाई दिए। 


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