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अध्यापिका ने की मिसाल कायम, सरकारी स्कूल का परीक्षा परिणाम 17 सालों से रहा अवर्णनीय , अवार्ड देने की उठने लगी मांग !

रामरति पिछले 17 सालों से दे रही हैं शत प्रतिशत परीक्षा परिणाम

 


*-शत प्रतिशत अंक हासिल करने वाली छात्राओं को नगद पुरस्कार देकर किया सम्मानित*
*-संस्कृत अध्यापिका रामरति देवी को राज्य स्तर पर सम्मानित करने की मांग*

हिसार 


 राजकीय कन्या हाई स्कूल गांव हसनगढ़ में संस्कृत के पद पर कार्यरत अध्यापिका रामरति देवी के परीक्षा परिणाम को देखकर पूरा गांव उनकी कड़ी मेहनत का कायल हो गया है और ग्रामीण मुक्त कंठ से संस्कृत अध्यापिका रामरति देवी की प्रशंसा कर रहे हैं। संस्कृत अध्यापिका रामरति देवी ने बताया कि वह पिछले लगभग 17 सालों से गांव हसनगढ़ के राजकीय कन्या हाई स्कूल में संस्कृत अध्यापिका के पद पर कार्यरत हैं। जब संस्कृत अध्यापिका के तौर पर ज्वाइन किया था तो उन्होंने ठान ली थी कि वह कड़ी मेहनत करेंगी और एक दिन उनकी कड़ी मेहनत सिर चढ़कर बोलेगी। जिसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और स्टाफ सदस्यों व ग्रामीणों ने उनका हर स्तर पर सहयोग किया। 









                उन्होंने बताया कि पिछले 17 सालों से दसवीं कक्षा का उनका संस्कृत विषय का परीक्षा परिणाम हर बार शत प्रतिशत रहा है। इस बार भी उनका परिणाम शत प्रतिशत रहा है। उन्होंने बताया कि 100 अंक हासिल करने वाली छात्राओं रेखा, सलोनी, स्वीटी, भास्कर को उन्होंने व्यक्तिगत तौर पर 1100-1100 रुपए देकर सम्मानित किया है। ताकि छात्राओं का हौसला बढ़े। वहीं दूसरी ओर पिछले 17 सालों से संस्कृत विषय का शत प्रतिशत परीक्षा परिणाम रहने पर ग्रामीणों और स्कूल स्टाफ सदस्यों ने संस्कृत अध्यापिका रामरति देवी को बधाई दी और उनकी मेहनत की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनकी कड़ी मेहनत के चलते ही स्कूल में पढ़ने वाली छात्राएं दसवीं कक्षा में पिछले 17 सालों से शत-प्रतिशत अंक हासिल करती आ रही है। जो उनके लिए गौरव का विषय है। संस्कृत अध्यापिका रामरति देवी की कड़ी मेहनत के कारण आज गांव हसनगढ़ के स्कूल का नाम प्रदेश में रोशन हो रहा है। वही ग्रामीणों ने सरकार एवं प्रशासन से मांग की कि संस्कृत अध्यापिका रामरति देवी की कड़ी मेहनत के कारण पिछले 17 सालों से संस्कृत विषय का शत प्रतिशत परीक्षा परिणाम आ रहा है। जिसके लिए उन्हें राज्य स्तर पर सम्मानित किया जाना चाहिए, ताकि इससे दूसरे अध्यापकों को भी प्रोत्साहन मिले और वह और कड़ी मेहनत करें। वही संस्कृत अध्यापिका रामरति देवी ने कहा कि स्कूल स्टाफ ग्रामीणों तथा अभिभावकों का हर स्तर पर सहयोग मिला है। जिसके कारण पिछले 17 सालों से वह संस्कृत विषय का शत प्रतिशत परीक्षा परिणाम दे पा रही हैं।

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