हसला के बाद 14 हजार गेस्ट टीचर भी उतरे शिक्षा विभाग के विरोध में उतरे सड़कों पर !
हसला के बाद अब गेस्ट टीचरों की चेतावनी : मांगे नहीं मानी तो सभी संगठनों को साथ लेकर लड़ेंगे आर पार की लड़ाई
14 हजार गेस्ट टीचरों ने सभी जिलों में सड़कों पर उतरकर किया विरोध प्रदर्शन
पदों को रिक्त मानने, गलत रेशनलाइजेशन करने व नियमित करने की मांग को लेकर किया प्रदर्शन
हिसार :
तबादला नीति को लेकर प्रदेश में शिक्षा विभाग व सरकार के प्रति कर्मचारियों में रोष बढ़ता जा रहा है। हसला व अन्य कर्मचारी संगठनों के विरोध के बाद अब गेस्ट टीचर भी सरकार के विरोध में सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर हुए हैं। गेस्ट टीचरों ने मंगलवार को पूरे प्रदेश में विरोध प्रदर्शन करते हुए जमकर नारेबाजी की और जिला शिक्षा अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। गेस्ट टीचरों ने मांग की है कि अगर जल्द ही उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो वो सभी संगठनों को साथ लेकर आर पार की लड़ाई लड़ने के लिए मजबूर होंगे
तबादलों व अन्य मांगों को लेकर पिछले कुछ समय से कर्मचारियों व शिक्षा विभाग के बीच ठनी हुई है। अनेक कर्मचारी संगठन पिछले कुछ दिनों से तबादलों व अन्य मांगों को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। हसला के भारी विरोध प्रदर्शन के बाद मंगलवार को गेस्ट टीचरों ने भी शिक्षा विभाग व सरकार के प्रति विरोध प्रदर्शन करते हुए काफी नाराजगी दिखाई। हरियाणा अतिथि अध्यापक संघ के मीडिया प्रभारी अजय लोहान ने बताया कि गेस्ट टीचरों के पदों को खाली मानने, विभाग द्वारा गलत रेशनलाइजेशन करने व नियमित करने की मांग को लेकर प्रदेश के 14 हजार गेस्ट टीचरों ने सभी जिलों में जोरदार विरोध प्रदर्शन करते हुए जिला शिक्षा अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार पिछले कई सालों से गेस्ट टीचरों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। अगर सरकार जल्द ही गेस्ट टीचरों की समस्याओं का समाधान करते हुए नियमित नहीं करती है तो वो आर पार की लड़ाई लड़ने के लिए मजबूर होंगे।
अजय लोहान ने कहा कि 2019 के बाद सरकार ने गेस्ट टीचर की पोस्ट को रिक्त मान लिया, जो कि 16 साल के इतिहास में पहली बार हुआ है। जब एक्ट नहीं बना था तब भी गेस्ट टीचरों की पोस्टों को रिक्त नहीं माना था। उन्होंने मांग की है कि सरकार गेस्ट टीचरों के पदों को पहले की तरह भरा हुआ माने व रेशनेलाइजेशन का शुद्धीकरण करे। यदि सरकार गेस्ट टीचरों की मांगों को पूरा नहीं करती तो गेस्ट टीचर मजबूरन संघर्ष का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होंगे।
हरियाणा अतिथि अध्यापक संघ के हिसार जिला प्रधान राजेश शर्मा ने बताया कि पिछले 17 सालों से प्रदेश भर के 14 हजार गेस्ट टीचर हरियाणा के सरकारी स्कूलों में अपनी सेवाएं दे रहे है। गेस्ट टीचरों की मेहनत व परीक्षा परिणाम को देखकर बीजेपी ने 2014 में लिखित में वायदा किया था कि उनको सरकार बनते ही पहली कलम से नियमित किया जाएगा लेकिन 8 साल बीत जाने के बाद भी अपना वायदा नहीं निभाया। सरकार की वायदाखिलाफी से गेस्ट टीचर एक बार फिर गुस्से में है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर जल्द ही सरकार उनको नियमित नहीं करती है तो प्रदेश भर के 14 हजार गेस्ट टीचर जल्द ही सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे।
प्रदेशभर में सभी जिला मुख्यालयों पर किया विरोध प्रदर्शन :
गेस्ट टीचर के प्रदेश मीडिया प्रभारी अजय लोहान ने बताया कि मंगलवार को सरकार की मनमानी के खिलाफ व नियमित करने की मांग को लेकर प्रदेश भर के 14 हजार गेस्ट टीचरों ने सभी जिला मुख्यालयों पर आज प्रदर्शन करते हुए जिला उपायुक्त के माध्यम से ज्ञापन सौंपा ओर नियमित की मांग की। इसी कड़ी में हिसार में भी प्रदर्शन कर उप जिला शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया। अगर सरकार जल्द ही उनकी मांगे पूरी नहीं करती है तो आर पार की लड़ाई लड़ने के लिए मजबूर होंगे।


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