या लो चाबी, अब चैक कर लो, कल ये मत कहना कि नुकसान कर गे किसान !
खेड़ी चौपटा तहसील पर जड़ा ताला 47 दिन बाद खुला
खेड़ी चौपटा तहसील की चाबी डीसी को सौंपते हुए किसान नेता सुरेश कोथ।नारनौंद : सुनील कोहाड़ / तहलका न्यूज
पिछले 47 दिनों से खेड़ी चौपटा तहसील में चल रहा धरना आखिरकार समाधान तक पहुंच ही गया। अगर यूं कहें कि एक बार फिर से किसानों की जीत हुई है, कोई ग़लत नहीं होगा। सरकार ने किसानों की मांगों को जायज ठहराते हुए उनकी मुआवजे की मांग को मान लिया। वहीं मौके पर पहुंची जिला उपायुक्त डॉ प्रियंका सोनी को किसान नेता सुरेश कोथ ने तहसील कार्यालय पर लगे ताले की चाबी सौंप दी। धरने की समाप्ति पर राज्य मंत्री अनूप धानक सहित जेजेपी के अनेक नेता व कार्यकर्ता भी किसानों की सुध लेने धरने पर पहुंचे।
शनिवार को डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने खेड़ी चौपटा तहसील पर धरना दे रहे किसानों को बातचीत के लिए दिल्ली बुलाया और वहां पर सरकार की तरफ से डिप्टी सीएम ने किसानों को मुआवजा देने का ठोस आश्वासन दिया। जिसके बाद रविवार को राज्य मंत्री अनूप धानक, जिला उपायुक्त डॉ प्रियंका सोनी, जेजेपी नेता राजेंद्र लितानी खेड़ी चौपटा धरने पर पहुंचे और किसानों को भरोसा दिलाया कि जिन कर्मचारियों व अधिकारियों ने उनको मुआवजा देने से वंचित रखा है उनके खिलाफ ठोस कार्यवाही की जाएगी। साथ ही अगर कोई कर्मचारी भविष्य में भी इस तरह की घिनौनी हरकत करेगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा।
राज्य मंत्री अनूप धानक ने कहा कि किसानों ने अनुशासन में रहकर अपनी आवाज उठाई है, जोकि काबिले तारीफ है। जैसे ही किसानों ने आवाज उठाई तो डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल से बातचीत कर किसानों की समस्या का समाधान निकालने के लिए अधिकारियों की ड्यूटी लगाई और समाधान तक पहुंचाया। उन्होंने बताया कि किसानों को छः हजार रुपए प्रति एकड़ मुआवजा दिया जाएगा।
किसान नेता सुरेश कोथ ने जिला उपायुक्त डॉ प्रियंका सोनी को तहसील कार्यालय पर लगे ताले की चाबी सौंपते हुए कहा कि आप अपने कार्यालय के अंदर रखे कंप्यूटर, रिकॉर्ड व अन्य सामान की जांच करवा लें। अगर उचित समझे तो इसकी विडियोग्राफी करवा लें। अब तो हम जिम्मेदार है। अगर कल को कोई आरोप लगाया गया तो वो जिम्मेदार नहीं होंगे।

कोई टिप्पणी नहीं
Thanks