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दहेज में मिली लाखों की राशि लड़की के परिवार को वापस लौटाई

The amount of lakhs received in dowry was returned to the girl's family/dahej mein milee laakhon kee raashi ladakee ke parivaar ko vaapas lautaee

 दूल्हे ने दुल्हन ही दहेज है कहावत को किया चरितार्थ


हरियाणा न्यूज / असन्ध : आज समाज में दहेज प्रथा इस कद्र हावी है कि न जाने कितने गरीब परिवारों की लड़कियां इसकी बलि चढ़ जाती हैं। हमारे समाज में दहेज प्रथा को एक अभिशाप माना जाता है। हालांकि इस प्रथा के विरुद्ध सामाजिक संस्थाएं भी लोगों को समय समय पर जागरूक करती रहती हैं जिससे लोगों में धीरे धीरे परिवर्तन आ रहा है।





ऐसा ही एक मामला सालवन गांव से बारात लेकर अम्बाला जिले के बड़ी बस्सी गांव में पहुंचे साहिल राणा के विवाह में देखने को मिला । साहिल ने दहेज में मिली लाखों रुपए की राशि लड़की के परिवार वालों को लौटाकर एक मिसाल कायम की तो वहीं समाज में दहेज न लेने का संदेश दिया। साहिल ने दुल्हन ही दहेज है इस कहावत को चरितार्थ किया है। साहिल ने कहा कि वह शुरू से ही दहेज के खिलाफ है।





 दहेज प्रथा ने समाज की जड़ों को खोखला करने का काम किया है जिसके चलते समाज में बेटियां पिता पर बोझ सी लगने लगी हैं। इस प्रथा को समाप्त करने के लिए युवाओं को आगे आना होगा तभी समाज में सुधार लाया जा सकता है। उसने पहले ही मन बनाया हुआ था बिना चाचा पंचायत सदस्य कुलदीप सिंह ने कहा कि दहेज की प्रथा को खत्म करने के लिए बेटियों को शिक्षित करना होगा। अगर बेटियां आगे बढ़ेंगी तो दहेज के लोभी लोगों की सोच भी बदल जाएगी। युवा वर्ग ही समाज की दिशा बदल सकता है। दहेज की वजह से बहुत से घर बर्बाद हो चुके हैं। इस बुराई को सभी मिलकर जड़ से खत्म कर सकते हैं।







मिलकर करेंगे युवाओं को जागरूक


साहिल व पत्नी ज्योति ने कहा कि वह दोनों युवाओं को जागृत करने के लिए मिलकर काम करेंगे ताकि इस बुराई पर जीत हासिल की जा सके। राणा ने कहा कि सात फेरे लेने दहेज की शादी करनी है। के साथ साथ दहेज के खिलाफ भी आवाज उठाने की कसम उठाई है। सभी युवा भी उनका साथ देंगे।


लड़कियों को शिक्षा देकर इस - बुराई को हटाएं: साहिल राणा के

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