हांसी : स्कूल में भरा पानी: अभिभावकों के साथ मिलकर बच्चों ने लगाया जाम, छात्रों ने सड़क पर पढ़े पहाड़े !
स्कूल में भरा 2-2 फीट पानी: ग्रामीणों ने हांसी बरवाला मार्ग पर लगाया जाम !
हांसी3 घंटे पहले
सिंघवा राघो के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में पिछले दिनों हुई बारिश का पानी आज तक भरा हुआ है।पानी की निकासी के लिए बार-बार गुहार लगाने पर भी कोई सुनवाई नहीं हुई तो गुस्साए ग्रामीणों ने बच्चों को साथ लेकर हांसी-बरवाला रोड़ जाम कर दिया। जाम की सूचना मिलते ही पुलिस व प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन ग्रामीणों ने किसी की एक नहीं सुनी तो दोपहर बाद हांसी के एसडीएम जितेंद्र अहलावत मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को एक सप्ताह में पानी निकासी का आश्वासन दिया। तब जाकर ग्रामीणों ने जाम खोला।
अधिकारियों का ध्यान अपनी तरफ खींचने के लिए जाम लगाए बैठे बच्चों ने सड़क पर पहाड़े पढ़े । जाम लगाए बैठे ग्रामीणों ने बताया कि स्कूल में दो-दो फीट पानी भरा हुआ है। स्कूल परिसर में पानी भरने के कारण अंदर आने जाने का रास्ता तक नहीं बचा। इसके चलते बड़ी संख्या में अभिभावकों ने अपने बच्चों को स्कूल में भेजना भी बंद कर दिया है। ग्रामीणों ने बताया कि स्कूल में करीब पांच सौ बच्चे पढ़ते हैं। ग्रामीणों ने कहा कि एक तरफ तो जिन स्कूलों में छात्रों की संख्या कम है उन स्कूलों को सरकार बंद कर रही है। जबकि उनके स्कूल में छात्रों की इतनी ज्यादा संख्या होने के बाद भी और स्कूल में पानी भरने का मामला प्रशासन के संज्ञान में आने के बाद भी कोई समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। इससे साबित होता है और प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है।
सरकार व प्रशासन की बेरुखी के चलते ग्रामीण सड़क पर उतरे हैं। हालात को देखते हुए लोगों ने पंचायत कर फैसला लिया कि जब तक स्कूल से पानी नहीं निकासी नहीं हो जाती, तब तक सड़क जाम कर वहीं क्लास लगाएंगे। ग्रामीणों ने बच्चों को साथ लेकर हांसी -बरवाला रोड़ जाम कर सुबह साढ़े 9 बजे से लेकर दोपहर बाद 2 बजे तक बच्चों ने मौके पर रखा। बच्चों ने इस दौरान पहाड़े पढ़े और नारेबाजी की। लोगों ने कहा कि तीन महीने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। जुलाई महीने में बरसात का पानी अभी तक स्कूल परिसर में भरा पड़ा है। तब से लेकर गांव में पानी-पानी है। इस कारण स्कूल में क्लास नहीं लग रही।
ग्रामीणों ने बताया को बच्चों को पढ़ाने के लिए अध्यापक चौपाल में ले जाते हैं। चौपाल में जगह कम है। हर रोज मुश्किल से सौ बच्चों की ही कक्षा लग पाती है। जबकि स्कूल में बच्चों की कुल संख्या पांच सौ है। ऐसे में सभी बच्चों को एक दिन में पढ़ाने के लिए बुलाया नहीं जा सकता। ग्रामीणों ने बताया कि विद्यालय में दो दो फीट तक पानी भरा होने के बाद भी उनकी समस्या की तरफ ना ही तो कोई कर्मचारी ध्यान दे रहा है और ना ही कोई अधिकारी उनकी पीड़ा सुनने को तैयार हैं।
जाम की जानकारी मिलने पर जलापूर्ति एवं अभियांत्रिकी विभाग के एक्सईएन रोहित कुमार, सिंचाई विभाग के एक्सईएन संदीप माथुर, एसडीओ नवीन रंगा, जेई प्रवीण कुमार, बीडीपीओ धर्मपाल मौके पर पहुचे। ट्रैफिक पुलिस इंचार्ज उमेद सिंह भी मौके पर पहुंचे और रास्ता जाम करने वाले लोगों से बात की। लोगों ने किसी की बात नहीं सुनी।
दोपहर बाद एसडीएम डॉ. जितेंद्र अहलावत मौके पर पहुंचे और लोगों को एक हफ्ते में पानी की निकासी का आश्वासन दिया। उनके आश्वासन पर लोगों ने करीब चार बजे रास्ता खोला।

कोई टिप्पणी नहीं
Thanks