डाटा गांव की मीनू ने नेपाल की मेरापिक चोटी पर फहराया तिरंगा !
मीनू ने कम समय में चोटी पर तिरंगा फहरा कर हासिल की एक और उपलब्धि
बेटी की इस सफलता पर गांव में खुशी का माहौल
हिसार : सुनील कोहाड़ / तहलका न्यूज
हिसार जिले के गांव डाटा की बेटी पर्वतारोही मीनू कालीरामणा ने एक और उपलब्धि हासिल की है। मीनू ने नेपाल की मेरापिक चोटी पर तिरंगा फहराकर देश का नाम रोशन किया है। नेपाल की 21247 फीट मेरापिक चोटी को मीनू ने पांच दिन की चढ़ाई कर फतह किया। मीनू के अनुसार उसने नेपाल से 12 अप्रैल की सुबह 6 बजे मेरापिक चोटी की चढ़ाई शुरू की थी। उसने पांच दिन के संघर्षपूर्ण यात्रा पर सफलता प्राप्त करते हुए 17 अप्रैल को सुबह 7 बजकर 33 मिनट पर चोटी पर तिरंगा फहराकर कम समय में यह कामयाबी हासिल की।
मीनू ने बताया कि चोटी की चढ़ाई करते समय रास्ते में बहुत बाधाओं का सामना करना पड़ा। चढ़ाई के समय खराब मौसम और तेज चलती हवाओं ने कई बार मीनू के रास्ते में बाधा बनने की कोशिश की लेकिन मीनू के हौसले और जज्बे के आगे सभी बाधाओं को रास्ता छोडऩा पड़ा। जालंधर सेंट सोलजर कॉलेज ऑफ एजुकेशन की बीपीएड फस्र्ट ईयर की छात्रा मीनू कालीरामणा की इस उपलब्धि पर गांव डाटा व कॉलेज प्रबंधन ने खुशी जताई है। यह उपलब्धि हासिल कर मीनू 22 अप्रैल को भारत लौट आई।
डाटा गांव में एक छोटे से किसान कृष्ण कालीरामणा के घर जन्मी मीनू का बचपन से ही सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट को फतेह करने का सपना है। इसी सपने को पूरा करने के लिए मीनू ने पहले17352 फीट ऊंची हिमाचल के मनाली फ्रेंडशिप चोटी पर तिरंगा फहराया था और अब 19341 फीट ऊंची चोटी किलिमंजारो पर तिरंगा फहराकर अपने सपने की मंजिल की तरफ एक और कदम बढ़ाया था। ताइक्वांडो में गोल्ड मेडलिस्ट मीनू का सपना माउंट एवरेस्ट को फतेह करना है। मीनू का कहना है कि छोटे से किसान उनके पिता कृष्ण कालीरामणा का सपना है कि उनकी बेटी माउंट एवरेस्ट की चोटी को फतह करें और वह भी अपने पिता के सपनों को पूरा करने में लगी हुई है।

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