दुल्हन को घोड़ी पर चढ़ाकर निकाला बनौरा बना चर्चा का विषय !
घोड़ी पर सवार दुल्हन के आगे थिरके रिश्तेदार
फतेहाबाद : तहलका न्यूज
अक्सर देखने को मिलता है कि विवाह समारोह में दुल्हे की घुड़चढ़ी निकाली जाती है, लेकिन जंडी मौहल्ला में नई परंपरा के तहत दुल्हन को घोड़ी पर चढ़ाकर उसका बनौरा निकाला गया। डीजे के साथ नाचते गाते उनके परिजन बनौरा निकाल रहे थे और लोगों ने इस नई परंपरा की जमकर तारीफ की।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जंडी मौहल्ला निवासी प्रेमा देवी व हंसराज की बेटी शालू का विवाह 25 अप्रैल को सादुलपुर निवासी राजेश के साथ तय हुआ है।। शालू ग्रेजुएट है और उसके विवाह को लेकर बनौरे की रस्म के तहत शालू के मौसा मदनलाल डिगवाल ने अपने घर में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इससे पहले शालू को घोड़ी पर दुल्हे के वेश में बैठाया गया, तो मौहल्लावासियों व उनके रिश्तेदारों ने तालियां बजाकर इस परंपरा का स्वागत किया। इसके बाद डीजे पर नाचते हुए लोग उसे मदनलाल डिगवाल के घर ले गए, जहां आए हुए सभी अतिथियों को भोजन दिया गया।
शालू ने बताया कि उसके माता-पिता ने यह कदम उठाकर समाज को बड़ा संदेश दिया है कि आज बेटा व बेटियों में कोई फर्क नहीं है। उसे अपने माता पिता पर गर्व है। शालू के पिता हंसराज व माता प्रेमा देवी ने कहा कि उन्होंने कभी भी बेटा व बेटियों में कोई फर्क नहीं समझा। उन्होंने शालू को पढ़ाया लिखाया और शादी के समय भी यह एहसास दिलाया है कि उनकी बेटी बेटों से कम नहीं है। दंपति ने बताया कि उनकी तीन बेटियां व एक बेटा है और वह सभी को एक समान मानते हैं। बाबा रामदेव सेवा समिति के प्रधान रमेश जोइया ने इस अवसर पर कहा कि लोगों को कभी भी बेटा व बेटी में कोई फर्म नहीं समझना चाहिए। बेटियों को बेटों की तरह की खूब पढ़ाना व लिखाना चाहिए। आज हर क्षेत्र में बेटियां बड़ा मुकाम हासिल कर रही हैं।

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