खाट हरियाणा की लोक पारम्परिक कला की प्रतीक: डॉ. महासिंह पूनिया
हिसार उत्सव में हरियाणा की बुणाई कला बनी आकर्षण का केन्द्र
हिसार:
हरियाणा पर्यटन विभाग की ओर से आयोजित हिसार उत्सव में ढाणी कला गांव के भगत सिंह की चारपाईयां, पीढ़, खाट, खटौले बुणाई कला के माध्यम से आकर्षण का केन्द्र बने हुए हैं। पर्यटन विभाग के निदेशक नीरज कुमार ने कहा कि पर्यटन विभाग का मूल उद्देश्य स्थानीय हस्तकलाकारों की कला को संरक्षित करना है। इसीलिए हिसार उत्सव में स्थानीय कलाकारों को मंच प्रदान किया गया है। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के प्रभारी एवं युवा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग के निदेशक डॉ. महासिंह पूनिया ने कहा कि हरियाणा की बुणाई कला सदियों से चली आ रही है। इस कला में हरियाणा की लोक सांस्कृतिक परम्परा के दर्शन होते हैं। यदि खाट के इतिहास पर नजर डालें तो मालुम पड़ता है कि वास्तव में खाट, खटिया, चारपाई के लोकजीवन में अनेक रूप देखने को मिलते हैं। खटौला, पलंग, मचान, माचा, डहला, दहला, सेज सभी चारपाई के ही अलग-अलग स्वरूप हैं। देहात में खाट को कुत्तामूतणी, चर्रमर्री, नसकट, सबरलील, ओणचण, कैंकची, टूटी खाट, मूंदी खाट, बांगी खाट, सणी की खाट, मंूज की खाट, सूत की खाट, सण की खाट, छोटी खाट, बड़ी खाट, मंझौली खाट आदि नामों से भी जाना जाता है। चारपाई की भराई के लिए रस्सी तैयार की जाती है जिसे जेवड़ी भी कहा जाता है। अनेक स्थानों पर रस्सी को सुतरी, सुतली भी कहा जाता है। वास्तव में रस्सी कांस, कुश, बाभर, पटेर, पतेल, मूंज, सणी, सण आदि से बनाई जाती है। चारपाई एवं पिलंग की भराई किस कलात्मक स्वरूप में करनी होती है उसी के अनुसार रस्सियों की कड़ी एवं जोट आदि बनाई जाती है। देहात में चारपाई के अनेक प्रकार के डिज़ाईन भरे जाते हैं जिनमें फूलपत्ती, चक्रव्यूह, चौपड़, छत्ता, किला, ताजमहल, पाखिया, जाफरी, चौफेरा, चौंकिया, शंकरफुलिया, चटाई, मकड़ी, गडिय़ा, बड़ा रानी हार, छोटा रानी हार, तेरह रस्सी वाला फूल, सैंतालिस वाला फूल, उनसठ रस्सी वाला फूल, बयानवे रस्सी वाला फूल, लहरिया फूल, लहरिया सत्तिया, चौकड़ी मंजा, हवन कुुंड, छह कड़ी मंजा, नौ कड़ी मंजा, निवाड़ी न जाने कितने ऐसे डिजाईन हैं जो चारपाई भराई में प्रयोग हो रहे हैं। वास्तव में भराई के यह डिज़ाईन लोक पारम्परिक संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। चारपाई सामाजिक सरोकारों, चौपालों, विवाहों, पंचायतोंं, घरों, बैठकों, पोलियों आदि का गौरवपूर्ण हिस्सा रही है।


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