फसल खराबे के मामलों में पारदर्शिता को लेकर बेहद अहम है ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल : डॉ प्रियंका सोनी
किसानों से मेरा पानी-मेरी विरासत पोर्टल पर भी ज्यादा से ज्यादा पंजीकरण करवाने का किया आह्वान
उपायुक्त डॉ प्रियंका सोनी ने कहा है कि प्रदेश में फसल खराबे का आकलन करने के कार्य में पूर्ण पारदर्शिता लाने और किसानों की सहूलियत के लिए राज्य सरकार ने ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल लांच किया है। पोर्टल के माध्यम से किसान स्वयं अपनी फसल के नुकसान का ब्यौरा दे सकेंगे, जिसके बाद निर्धारित समयावधि में नुकसान के क्षेत्र को चिन्हित किया जाएगा। इस पोर्टल के माध्यम से फसल नुकसान की स्थिति में आवेदन, सत्यापन तथा मुआवजा वितरण के कार्य में पारदर्शिता आएगी।
सोमवार को चंडीगढ़ मुख्यालय से आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के उपरांत उन्होंने कृषि एवं किसान कल्याण सहित संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल तथा मेरी पानी-मेरी विरासत पोर्टल पर पंजीकरण के लिए किसानों को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाएं। उपायुक्त डॉ प्रियंका सोनी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग में जलभराव की समस्या के स्थाई समाधान को लेकर दिए गए निर्देशों के अनुरूप सिंचाई, कृषि, वन व अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे जलभराव की समस्या के स्थाई समाधान के लिए सब-सरफेस, वर्टिकल तथा बायो ड्रेनेज की कारगर योजना बनाकर मुख्यालय का भेजें। किसानों को क्लस्टर के रूप में ऐसी योजनाओं के लिए पोर्टल पर पंजीकरण के लिए जागरूक करें। इसके अलावा उन्हें फसल विविधीकरण के लिए प्रोत्साहित किया जाए। विशेषकर कृषि वानिकी तथा मत्स्य पालन के बारे में किसानों का जागरूक किया जाए। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।


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