एक और बड़े आंदोलन को तैयार रहें किसान : राकेश टिकैत
गांव सीसर में किसान सम्मान समारोह में की शिरकत, किसान नेता विकास सीसर को किया सम्मानित
नारनौंद : तहलका न्यूज
सरकार ऑस्ट्रेलिया के साथ दूध खरीदने को लेकर अगले माह समझौता करने जा रही है। जिसके तहत सस्ता दूध बेचने की योजना है। जब तक किसान संबंधी किसी भी मुद्दे को लेकर सरकार नीति बनाने से पहले किसानों से बात नहीं करेगी तो कोई भी कानून नहीं बनाने दिया जाएगा। ऐसे में किसानों को एक और बड़े आंदोलन के लिए तैयार रहना होगा। यह बात भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने रविवार को सीसर गांव में आयोजित किसान सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने किसान आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले किसान नेता विकास सीसर को सम्मानित किया। वही किसान आंदोलन में भाग लेने वाले पुरुष व महिला किसानों को ग्रामीणों की तरफ से सम्मानित किया गया।
उन्होंने कहा कि देश के अंदर के हालात ठीक नहीं है। कई प्रदेशों में दौरा करने के बाद देखा कि दूर दराज के इलाकों के किसानों का अब तक कोई विकास नहीं हुआ। 13 माह तक चले आंदोलन के बाद तीन कृषि कानूनों की वापसी तो अभी शुरुआत है। किसानों को अभी लंबी लड़ाई के लिए तैयार होना होगा। दिल्ली आंदोलन को उन्होंने किसानों के लिए ट्रेनिंग कैंप बताया, जहां आंदोलन के दौरान मिली सीख को ग्रहण कर उन्होंने किसानों से बड़े आंदोलन के लिए तैयार रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार कभी गरीब, मजदूर, बेरोजगार, महंगाई, स्वास्थ्य व शिक्षा जैसे मुद्दों पर बात नहीं करती और विकास के नाम पर लोगों को गुमराह करती है। सरकार की नीतियां पूंजीपतियों के लिए बनाई जा रही हैं, इसलिए मजदूर और किसान की लड़ाई अभी बाकी है।
यह संघर्ष का विराम है। सरकार इसको किसानों की कमजोरी समझने की भूल ना करें। जिस किसान के बच्चे नौकरियों पर हैं या जिसके नाम जमीन है उनकी बुढ़ापा पेंशन काटी जा रही है। किसानों को अपने खर्चे कम करने होंगे। क्योंकि हमको सामाजिक आंदोलन जैसे नशा मुक्ति, दहेज प्रथा, कन्या भ्रूण हत्या, पेड़ लगाना व बच्चों की पढ़ाई करवाना तभी देश का युवा बच सकेगा।। 26 जनवरी गणतंत्र दिवस को तिरंगे के साथ ट्रैक्टर दिवस मनाया जाएगा।
दिल्ली का 26 जनवरी का मार्च हमें याद रखना है। अभी तक सरकार ने एमएसपी पर न कमेटी बनाई है और न ही कानून के लिए कार्यवाही शुरू की है। 40 साल तक सेवा करने वाले कर्मचारी की पेंशन काट दी गई है जबकि एमएलए व एमपी की पेंशन को बढ़ाया जा रहा है। इस अवसर पर विकास सीसर, अभिमन्यु कोहाड़, जोगेंद्र नैन, रवि आजाद, कुलदीप राणा, सुदेश कंडेला, अमृता कुंडू, डिंपी पहलवान,, अनीता सिहाग, सुदेश गोयत, राजेन्द्र बेरवाल, बलवंत आर्य, विकास श्योराण, सतबीर पेटवाड़, वजीर ठेकेदार, अजीत धनाना व रमेश ढुल इत्यादि मौजूद रहे।

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