Hindi today news india : गामड़ा के रमन ने बताई मणिपुर में दंगों में आपबीती, किसी भी छात्र को कैंपस से बाहर जाने की नहीं थी छूट
नारनौंद :
मणिपुर में दंगों में फंसे गांव गामड़ा निवासी रमन श्योराण पुत्र नरेश श्योराण इसी वर्ष मणिपुर के इंफाल शहर में नेशनल इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलाजी में बीटेक में दाखिला लिया था और हास्टल में रहता था। जैसे ही मणिपुर में दंगे शुरू हुए तो सभी छात्रों को हास्टल में ही रमन रहने के आदेश दे दिए गए। किसी भी छात्र को कैंपस से बाहर जाने की छूट नहीं थी। सभी छात्र पिछले काफी दिनों से इंस्टीट्यूट के परिसर में ही डर के साए में रह रहे थे। कि कोई अप्रिय घटना न घट जाए।
रमन के चाचा अनिल श्योराण ने बताया कि मोबाइल फोन पर हर रोज उनसे बातचीत हो जाती है। वहां पर नेट बंद है वीडियो कालिंग नहीं हो पाती । उसकी मां सुदेश को भी अपने बेटे की चिंता सता रही थी। कैंपस के अंदर छात्रों को खाने पीने की कोई परेशानी नहीं थी लेकिन मन में किसी घटना होने का भय बना रहता था। दो दिन पहले ही इंस्टीट्यूट में जितनी भी लड़कियां थी सबको श्योराण। अपने अपने घर भेज दिया गया। उसके बाद सभी छात्र प्रिंसिपल से मिले और घर जाने की गुहार लगाई। तो सभी छात्रों को एक महीने के लिए घर भेज दिया गया है। रमन भी रविवार को वहां से कोलकाता पहुंच चुका है। रात को 9 बजे बजे कोलकाता से उसकी फ्लाइट है और 11 बजे वह दिल्ली पहुंच जाएगा।

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