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बारात में ना ही दुल्हा गया और ना ही दुल्हन डोली में ससुराल पहुंची, फिर भी दूल्हा दुल्हन के परिवार ने मनाया जश्न !


हरियाणवी जोड़े की US से TV पर शादी :

अमेरिका में शादी फेरे लेते हुए।


सोनीपत / करनाल 


सोनीपत जिले के गांव सांदल खुर्द रहने वाले अमित की शादी 19 मार्च को करनाल की रहने वाली आशु के साथ बड़े धूमधाम से संपन्न हुई। शादी में बिना दूल्हे के बारात रवाना हुई और ढोल नगाड़ों के साथ दुल्हन के दरवाजे पर दस्तक दी। दुल्हन आंसू के परिजनों ने भी बारातियों का अच्छे तरीके से स्वागत किया। जैसे आम शादियों में होता है। दुल्हन पक्ष ने बारातियों के सामने अनेक पकवान उनके सामने परोस दिए। जब रात विदाई लेकर रवाना हुई तो वो बिना दुल्हन के वापस अपने गांव पहुंच गई। क्योंकि दूल्हा दुल्हन की तरफ से शादी की सारी रस्में ऑनलाइन यूएसए से निभाई गई थी। 







हरियाणा के सोनीपत जिले के गांव सांदल खुर्द निवासी अमित पिछले काफी समय से यूएसए में रह रहा है और करनाल जिले की आंसू भी यूएसए में ही काम करते हैं। दोनों की मुलाकात हुई और धीरे-धीरे बात शादी तक पहुंच गई। जिस पर दोनों के परिजन सहमत हो गए और शादी की तारीख 19 मार्च तय कर दी। किसी कारणवश ना ही तो अमित भारत रोड पाया और ना ही आंसू अपने घर आ पाई। जिसके बाद फैसला लिया गया कि दोनों की शादी हाई स्पीड इंटरनेट पर टीवी के माध्यम से ही करवाई जाएगी। उधर यूएसए में अमित और आशु के कुछ परिचित पहले से रह रहे हैं उन्होंने वहां पर ऑनलाइन शादी की रस्में शुरू की तो हरियाणा के करनाल में दोनों के परिजनों ने टीवी पर देख कर ही दूल्हे को टीका की अंगूठी पहनाई सहित अन्य रश्मि अदा की। 








सात समंदर पार शादी हरियाणा में जश्न

अमित और आशु शादी के बंधन में जब बंद रहे थे तो उनकी शादी को देखने के लिए हर कोई उत्साहित था कि आखिर कर यह शादी बिना दुल्हा दुल्हन के कैसे होती है। जब रात सोनीपत से करनाल पहुंची तो आशु के परिजनों ने हाई स्पीड इंटरनेट के साथ बड़ी बड़ी स्क्रीन लगाई हुई थी जिसके माध्यम से बरात वधू पक्ष के लोगों ने शादी का पूरा कार्यक्रम ऑनलाइन ही देखा। शादी की रस्म हल्दी से लेकर आशीर्वाद तक सभी रस्में ऑनलाइन ही निभाई गई। जब दोनों के पिता आंसू ने अपने दामाद अमित को टीका किया तो वह भी टीवी की स्क्रीन पर ही पिया। उसके बाद अन्य जो रस्में थी वह यहां पर सात समंदर पार करनाल में पूरी की गई। 








शादी से पहले आशु के परिजन अमित को टीका करने के लिए जब सोनीपत पहुंचे तो अमित के परिजनों ने उनकी आवभगत में वेंकट हाल बुक किया हुआ था । जहां पर सगाई का कार्यक्रम होना था। जब शादी की रस्में करनाल और सोनीपत में निभाई जा रही थी तो दूल्हा-दुल्हन सात समंदर पार यूएसए ऑनलाइन आकर अपने तरीके से निभा रहे थे। टीवी स्क्रीन पर ही सारे रीति-रिवाजों के साथ शादी संपन्न हुई और दूल्हे को टीवी स्क्रीन के माध्यम से ही अंगूठी की रस्म अदा की गई।












 सात समंदर पार भी भारतीय संस्कृति को रखा जिंदा

  भले ही अमित और आशु सात समंदर पार रहते हो और उन्होंने एक दूसरे के नजदीक आकर शादी के बंधन में बंधने का निर्णय लिया हो लेकिन उन्होंने इसके लिए अपने बड़े बुजुर्गों घर परिवार के सदस्यों के सहमत होने के बाद ही शादी करने का निर्णय लिया। इन दोनों ने अग्नि के सामने सात फेरे सात समंदर पार यूएसए मिली हो लेकिन शादी की सारी रस्में भारतीय संस्कृति के अनुसार अदा की गई इसको लेकर बारातियों व दुल्हन पक्ष के लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला।






अनोखी शादी

जहां लड़का और लड़की यूएसए में शादी कर रहे थे, लेकिन रस्में भारत में हो रही थी। इसे सात समुद्र पार शादी के नाम से जाना जाता है। यह एक प्रचलित शब्द है जो दो अलग-अलग देशों में रहने वाले लोगों के बीच शादी को बताने के लिए उपयोग किया जाता है। यह शादी एक बड़ी भावनात्मक और सामाजिक उपलब्धि है जो अपनी समाज और देश के लोगों के लिए एक उदाहरण स्थापित करती है।







इस शादी में हरियाणवी रीति-रिवाज के साथ-साथ ऑनलाइन प्रक्रियाओं का भी उपयोग किया गया था। लड़के के टीके से लेकर आशीर्वाद तक की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन हुई। यह इस बात का उदाहरण है कि इंटरनेट और दिजितल प्लेटफॉर्म्स ने हमारे समाज और संस्कृति को आगे बढ़ाया है और लोग उन्हें आधुनिक तकनीकी उपकरणों के माध्यम से अपने जीवन में शामिल कर रहे हैं।








दोनों की अमेरिका में कंपनी

सोनीपत के गांव सांदल खुर्द निवासी अमित लाकड़ा ने वर्ष 2014 में मलेशिया की मर्चेंट नेवी में नौकरी की शुरुआत की। इसके बाद उसने कई देशों में नौकरी की। वर्ष 2017 में उसने USA में अपनी ट्रैकिंग कंपनी बना ली। वहीं पर अमित की मुलाकात करनाल के सेक्टर 12 निवासी आशु के के साथ हुई। दोनों के विचार मिले ओर एक दूसरे के इतने करीब आस गए कि 19 मार्च को शादी के बंधन में बंध गए। आशु भी यूएस में अपनी कंपनी चला रही है।



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