स्वतंत्रता दिवस स्पेशल पेज


 

Breaking News

कौन सही कौन गलत ? पुलिस ने चेकिंग के लिए एसडीओ की गाड़ी रोकी, एसडीओ ने थाने की बिजली काटी !

 Haryana Hisar news Police stopped SDO's vehicle for checking, SDO cut off the electricity of the police station


तहलका न्यूज, हिसार / सुनील कोहाड़


हिसार में नई एडीजीपी आने के बाद पुलिस सख्त रवैया अपनाए हुए हैं और वाहन चालकों द्वारा यातायात के नियमों को पालना नहीं करने पर उनके चालान किए जा रहे हैं। ताकि सड़क पर लापरवाही से होने वाले हादसों में कमी लाई जा सके। गुरुवार की सुबह जब बिजली निगम का एसडीओ ड्यूटी पर जा रहा था तो पुलिस नाका लगाकर वाहनों की चेकिंग कर रही थी। पुलिस ने उनकी गाड़ी को चेकिंग के लिए रुकवाया तो साहब दफ्तर देर से पहुंचे। इस बात का गुस्सा उन्होंने अगरवा पुलिस थाने का मिलीमीटर उखाड़ कर शांत किया।













सीलिंग प्लान के तहत हिसार पुलिस वीरवार को नाके लगाकर वाहनों की जांच कर रही थी। अग्रोहा थाना प्रभारी प्रताप सिंह भी अपनी टीम के साथ सड़क पर उतरे हुए थे। वो आने जाने वाले वाहनों की चेकिंग कर रहे थे कि इसी दौरान बिजली निगम अग्रोहा मैं कार्यरत एसडीओ रविंद्र सिंह ड्यूटी पर जाने के लिए सड़क से गुजर रहे थे। पुलिस ने उनकी गाड़ी को भी चेकिंग के लिए रुकवा लिया । एसडीओ ने बताया कि उन्होंने सभी कागजात दिखाने और सीट बेल्ट लगाए होने के बाद भी बिना किसी कारण आधे घंटे तक उन्हें परेशान किया गया। जबकि उन्होंने अपना परिचय दे दिया था कि वह बिजली निगम अग्रोहा में एसडीओ के पद पर कार्यरत हैं। एसडीओ रविंद्र का आरोप है कि थाना प्रभारी ने अपनी पुलिसिया धोंस दिखाते हुए कहा कि ट्रैफिक के  बहुत सारे रुल होते हैं और किसी भी रुल के तहत उनका चालान कर सकते हैं। जिसके कारण दफ्तर पहुंचने में लेट हो गए। दफ्तर पहुंचते ही एसडीओ ने कर्मचारियों से पुलिस थाने का बिल चेक करने को कहा तो थाने की तरफ 2 महीने का करीब ₹6000 पेंडिंग पाया गया। एसडीओ अपनी टीम के साथ थाने में पहुंचे और थाने का मीटर उखाड़ ले गए। जिसके कारण पुलिस थाना देर रात तक अंधेरे में डूबा रहा और पुलिसकर्मियों को अंधेरे में ही टार्च के सहारे अपने काम निपटाने पड़े। 














इस संबंध में अग्रोहा थाना प्रभारी प्रताप सिंह ने बताया कि पुलिस अधिकारियों के आदेश पर वाहनों के साथ चैटिंग कर रही थी। जब आम आदमी की गाड़ियां चेक हो रही है। तो अधिकारियों को भी इसमें सहयोग करना चाहिए ना कि अपने पद कद्र उपयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि थाने का ₹5000 बिजली बिल बकाया था जिसको भर दिया गया है और थाने की बिजली सुचारू रूप से चल रही है।

कोई टिप्पणी नहीं

Thanks

Home; | DMCA; | Disclaimer; | Privacy Policy; | About Us; | Contact Us; |