फर्जी तरीके से किसानों के खातों में लेन-देन कर किसानों को बनाया कर्जदार
पैक्स कर्मचारियों ने मिलीभगत करके किसानों के खातों में किया भारी गोलमाल
जींद : पवन डाहौला/ तहलका न्यूज
पेगां पैक्स में तैनात कर्मचारियों द्वारा किसानों के खातों में स्वयं फर्जी लेनदेन कर किसानों को कर्जवान बनाते हुए एक बडा घोटाला हुआ उसकी जांच में तेजी लाने के लिए रविवार को किसानों की एक अहम् बैठक किसान अमरजीत के नेतृत्व में गांव के राजकीय स्कूल में हुई । घोटाले की जांच कर रही आर्थिक अपराध शाखा टीम पर किसानों ने आरोप लगाते हुए कहा कि उनके छह माह पहले हस्ताक्षर करवाने के बाद भी अभी तक मिलान के लिए प्रयोगशाला में नही भेजे ।
पेगां पैक्स घोटाले की जांच कर रही आर्थिक अपराध शाखा जींद टीम के द्वारा जांच को धीमी गति से चलाना किसानों को रास नही आई । रविवार को संडील गांव के राजकीय स्कूल में किसान अमरजीत के नेतृत्व में किसानों की एक अहम् बैठक हुई । बैठक में घोटाले की जांच को गति देने के लिए सामूहिक रूप से किसानों ने मंगलवार को चंडीगढ़ में पहुंचकर हरियाणा के सभी विधायकों के साथ साथ मुख्यमंत्री हरियाणा सरकार को पैक्स कर्मचारियों द्वारा किसानों के खातों में स्वयं फर्जी लेनदेन कर किसानों के साथ हुए घोटाले की एक एक प्रतियां देने का फैसला लिया ।
बैठक की अध्यक्षता कर रहे किसान अमरजीत ने जानकारी देते हुए बताया कि पेगां पैक्स में कर्मचारियों द्वारा स्वयं फर्जी लेनदेन करके किसानों को कर्जदार बना दिया जो एक बडा घोटाला है । पुलिस इसमें तीन वर्ष से सिर्फ लिपा पोती करती नजर आ रही है ।
किसान अमरजीत ने कहा कि पेगां पैक्स में कार्यरत कर्मचारियों ने स्वयं किसानों के खातों में फर्जी तौर पर खाद व नकदी निकाल कर एक बडा घोटाला किया है ।
मामला की जांच वर्ष 2019 से चल रही है । किसानों ने घोटाले को लेकर अलेवा थाना में पेगां पैक्स के पूर्व प्रबंधक समेत कई कर्मचारियों के खिलाफ शिकायत देकर मामला दर्ज करवाया था ।
घोटाले की निष्पक्ष जांच करने के लिए तत्कालीन डीसी ने मार्च 2021में उचाना के डीएसपी जितेंद्र कुमार को किसानों से बातचीत करने के लिए संडील गांव में किसानों के बीच भेजा गया था ।
डीसी द्वारा दी हिदायत के अनुसार 15 मार्च 2021 को डीएसपी उचाना जितेंद्र कुमार द्वारा किसानों के बीच डीसी की एक बैठक करवाई थी । बैठक में डीएसपी उचाना जितेंद्र कुमार, सहायक रजिस्ट्रार सहकारी समिति जींद व अपराध शाखा प्रभारी की मौजूद थे ।
डीसी द्वारा किसानों को विश्वास दिलाया गया था कि किसानों के साथ हुए घोटाले की निष्पक्ष जांच अपराध शाखा जींद को भेज कर उनसे करवाई जाएगी ।
अपराध शाखा टीम को जांच फाइल मिलने पर टीम संडील गांव में पहुंची और किसानों के 100 से ज्यादा बयान अंकित किए । दर्ज बयानों को जांच के लिए मधुबन लैब में भेजा जाना था,लेकिन 6 माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी दर्ज हस्ताक्षरों का मिलान करवाने के लिए अपराध शाखा की टीम ने अभी तक लैब में नही भेजे जिस कारण टीम की यह बहुत बडी लापरवाही सामने आई ।
जांच टीम की लापरवाही के कारण किसानों को न्याय मिलने में काफी समय लग रहा है । इस कारण मंगलवार को सभी पीडित किसान और उनके परिजन चंडीगढ़ कूच करेंगे ।
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क्या कहते है इस मामले को लेकर डीएसपी उचाना जितेंद्र कुमार
सोमवार को किसानों के दर्ज हस्ताक्षरों को जांच के लिए भेजा जाएगा प्रयोगशाला :
पेगा पैक्स घोटाले की जांच कर रही आर्थिक अपराध शाखा की टीम द्वारा जांच में कोई ढील या लापरवाही नहीं बरती है । किसानों के दर्ज कराए गए हस्ताक्षरों को मिलान के लिए भेजने से पूर्व कुछ खामियां पाई गई थी जांच टीम द्वारा खामियों को ठीक किया है । सोमवार को जांच के लिए मधुबन लैब में भेज दिया जाएगा।

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