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Haryana news : मांगें नहीं मानी तो उग्र होगा आंदोलन - टिकैत

 If demands are not met the movement will become violent - Tikait


हरियाणा न्यूज: सरकार किसानों को हलके में ले रही है और उनकी मांगों को अनसुना कर रही है। अब सरकार से कोई बातचीत नहीं की जाएगी। उक्त शब्द किसानों के महापड़ाव के दूसरे दिन पहुंचे किसान नेता राकेश टिकैत ने कहे। उन्होंने किसानों के साथ आगामी रणनीति पर चर्चा की। भाई पंजाब के किसानों ने मोहाली में बैठक कर फैसला लिया है कि वो सरकार के साथ बातचीत ना करके राज्यपाल से मुलाकात करेंगे। Panchkula se kisanon ki khabar






किसानों के इस महापड़ाव में गांव गांव से ट्रैक्टर ट्रालियों और गाड़ियों में सवार होकर किसान पंचकूला पहुंचे हुए हैं। रवाना होने से पहले किसानों ने कह दिया था कि अगर उनकी मांगों को नहीं माना गया तो पिछली बार की तरह इस बार भी किसान आंदोलन लंबा चलेगा, जो सरकार के लिए अच्छा नहीं होगा। किसान नेताओं ने कहा कि 13 महीने चले आंदोलन के दौरान प्रधानमंत्री ने खुद अपने मुख से किसानों के सभी मांगों को मानने का भरोसा दिया था। जिसके बाद आंदोलन को स्थगित किया गया था। लेकिन वह अपने वायदे से मुकर रहे हैं और आज तक किसने की एक भी मांग को पूरा नहीं किया गया। kisanon ka mahapadav






किसान नेता रवि आजाद ने कहा कि प्रधानमंत्री ने फसल खरीद को लेकर एसपी गारंटी कानून लाने का वायदा किया था जो आज तक पूरा नहीं हुआ। इसके अलावा बिजली संशोधित अधिनियम 2023 को वापस लेने किसने और मजदूरों को पूर्ण कर्ज मुक्त करने सहित अनेक मांगों को लेकर एक बार फिर किस आंदोलन करने के लिए मजबूर हो रहे हैं। अगर समय रहते सरकार ने किसानों की सभी मांगों को पूरा नहीं किया तो आने वाले समय में किस बड़ा आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। Panchkula Haryana news




किसान नेता जोगिंद्र नैन कहा कि लखीमपुर खीरी में किसानों की हत्या के मामले में उचित न्याय और दूसरे मंत्री को बर्खास्त करने की मांग भी आज तक‌ ज्यों कि त्यों लटकी हुई है। दोषी मंत्रिमंडल में रहकर सबूत को नष्ट करने में लगा हुआ है और सरकार उसका साथ दे रही है। उन्होंने कहा कि इन सभी मांगों को लेकर किसान मजदूर संगठन 3 दिन के पड़ाव के आखिरी दिन 28 नवंबर को राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर वापस अपने अपने घरों को रवाना हो जाएंगे। अगर ज्ञापन सपना के बाद भी सरकार इसको हल्के में देती है तो भविष्य में किसान आंदोलन और भी तेज होगा जिसकी जिम्मेदारी सरकार व प्रशासन की होगी। latest news Kisan union






किसानों के महापड़ाव को लेकर पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए हुए हैं। किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए भारी पुलिस बल के साथ-साथ एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड की गाड़ी, ब्रज वाहन के अलावा किसानों के बीच शादी वर्दी में पुलिस के जवान भी पल पल की रिपोर्ट अपने उच्च अधिकारियों और सरकार तक पहुंचा रहे हैं। latest news Panchkula Haryana





किसानों की मुख्यतः मांगें : Demands of farmers


सभी फसलों पर MSP की कानूनी गारंटी दी जाए


• किसान व मजदूरों को पूर्ण कर्ज मुक्त किया जाए


• बिजली संशोधन विधेयक 2023 को वापस लिया जाए


• श्रम कानूनों के लिए गए संशोधन को रद्द किया जाए


• सरकारी विभागों के निजीकरण व ठेका प्रथा पर रोक


• गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा को मंत्रिमंडल से बर्खास्त किया जाए


• सभी कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया जाए

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