हिसार जिले का जवान जम्मू कश्मीर में शहीद, मामा के गांव में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार, मां ने दी मुखाग्नि !
Soldier of Hisar district martyred in Jammu and Kashmir, cremated with state honors in maternal uncle's village, mother lit the funeral pyre
तहलका न्यूज, हिसार / सुनील कोहाड़
हिसार जिले के गांव गढ़ी ( मेहंदा ) का सोनू जांगड़ा भारतीय सेना में तैनात था। इन दिनों उसकी ड्यूटी जम्मू कश्मीर के कठुआ में थी। 26 मार्च की रात को आतंकवादियों ने सोनू जांगड़ा के सिर में गोली मार दी थी। जिसके कारण सोनू जांगड़ा शहीद हो गया था। लेकिन शहीद सोनू जांगड़ा का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ उसके मामा के गांव जुगलान गांव में किया गया। शहीद के अंतिम यात्रा में विधायक जोगीराम सिहाग सहित प्रशासन के अनेक अधिकारी शामिल हुए।
मंगलवार की सुबह जैसे ही शहीद सोनू जांगड़ा का पार्थिव शरीर तिरंगे में लिपटा हुआ गांव जुगलान में पहुंचा तो शहीद की अंतिम यात्रा में शामिल होने के लिए आसपास के लोगों का तांता लग गया। शहीद की मां भतेरी देवी का रो रो कर बुरा हाल हो गया मौके पर मौजूद सभी लोगों की आंखें नम हो गई। चारों तरफ शहीद सोनू जांगड़ा अमर रहे, भारत माता के नारे लग रहे थे। उनके पार्थिव शरीर पर श्रद्धा सुमन अर्पित करने के लिए आसपास के गांव के लोग, विधायक जोगीराम सिहाग, सेना के अधिकारी और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी गांव में पहुंचे हुए थे। सेना की टुकड़ी ने फायर कर शहीद को श्रद्धांजलि दी। पूरे राजकीय सम्मान के साथ शहीद का अंतिम संस्कार किया गया और शहीद की मां भतेरी देवी ने अपने चिराग को मुखाग्नि दी।
ग्रामीणों ने बताया कि शहीद सोनू जांगड़ा की मां भतेरी देवी और उसकी बहन की शादी हांसी के नजदीकी गांव गढ़ी में हुई थी। लेकिन किन्ही परिस्थितियों में सोनू की मां भतेरी देवी और उसके पिता की अनबन हो गई और दोनों ने अलग रहने का मन बना दिया। जिसके बाद दोनों का तलाक हो गया। उसके बाद सोनू की मां अपने बेटे सोनू को लेकर अपने मायके गांव जुगलान में अपने माता पिता के साथ रहने लगी। भतेरी देवी के कोई भाई नहीं था तो उसके नाना ने सोनू को गोद ले लिया और भतेरी देवी की दोबारा से शादी गांव बालक में कर दी। सोनू जब भी छुट्टी आता तो अपनी मां से मिलने के लिए बालक गांव जाता था।
आर्मी में हुआ भर्ती , शादी करने के लिए गांव में मकान बनाने का सपना संजोए हुए था शहीद
सोनू भारतीय सेना में भर्ती हो गया और कुछ समय पहले ही उसकी ड्यूटी जम्मू-कश्मीर के कठुआ में 3 साल के लिए लग गई। करीब 1 महीने पहले ही सोनू जांगड़ा छुट्टी पर गांव जुगलान के लिए आया था और गांव में जमीन लेकर मकान बनाने की जारी करके गया था। छुट्टी पर आए जवान सोनू जांगड़ा ने ग्रामीणों को बताया था कि मकान बनाने के बाद वह शादी करेगा। ताकि वंश को आगे बढ़ा जा सके। लेकिन किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था कि सोनू ने जो सपने संजोए हैं वह केवल सपने ही बनकर रह जाएंगे और सोनू तिरंगे में लिपट कर इस तरह से गांव में आएगा।

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