किसानों को बरसात व ओलावृष्टि से प्रभावित फसलों का मुआवजा दिलाने की दिशा में गंभीरता से करें कार्य : डीसी
Work seriously in the direction of providing compensation to farmers for crops affected by rain and hailstorm: DC
- डीसी अशोक कुमार गर्ग ने अधिकारियों को बैठक में दिए निर्देश
तहलका न्यूज, रेवाड़ी
डीसी अशोक कुमार गर्ग ने राजस्व व कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे किसान हित में आपसी तालमेल से आवश्यक कदम उठाते हुए किसानों को उनकी बरसात व ओलावृष्टिï से प्रभावित फसलों का मुआवजा दिलाने की दिशा में गंभीरता से कार्य करें। उन्होंने निर्देश दिए कि इस कार्य में किसी प्रकार की कोताही व लापरवाही सहन नहीं की जाएगी।
डीसी अशोक कुमार गर्ग शनिवार को लोक निर्माण विश्राम गृह में आयोजित बैठक में कृषि एवं किसान कल्याण व राजस्व विभाग अधिकारियों को बरसात व ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान की स्पेशल गिरदावरी करने के लिए आवश्यक निर्देश दे रहे थे। उन्होंने निर्देश दिए वे रेवाड़ी जिला में बरसात व ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान का आंकलन कर अविलंब रिपोर्ट तैयार करें। उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारी एक-एक खेत के खराबे की भौतिक जांच करते हुए अपनी-अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल स्वयं बरसात व ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान की मॉनिटरिंग कर रहे हैं।
डीसी ने कहा कि हरियाणा सरकार ने विशेष गिरदावरी करने के साथ ही फसलों को हुए नुकसान की स्थिति जानने के लिए ई-फसल क्षतिपूर्ति पोर्टल लिंक खोल दिया गया है। उन्होंने कहा कि किसान मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर अपने मोबाइल नंबर और परिवार पहचान पत्र से फसल खराब होने के 72 घंटे के भीतर ई-फसल क्षतिपूर्ति पोर्टल पर नुकसान की डिटेल भरकर भेज सकते हैं। पोर्टल पर किसानों को जमीन का खसरा नंबर देने के साथ फसल के बारे में पूरी जानकारी देनी होगी, जैसे फसल का बीमा है या नहीं और कितनी एकड़ में फसल कितने प्रतिशत तक खराब हुई है।
क्षतिपूर्ति की सूचना देने के लिए एमएफएमबी ब्योरा पोर्टल पर फसल का पंजीकरण अनिवार्य :
डीसी ने किसानों का आह्वान किया कि वे अपनी फसल का पंजीकरण मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर करने के लिए सबसे पहले fasal haryana.gov.in/ पोर्टल को खोलें। इसके बाद किसान अनुभाग पर क्लिक करें। इसके बाद ई-फसल क्षतिपूर्ति सूचना देने के लिए क्लिक करें। इसके उपरांत पीपीपी आईडी, मेरी फसल मेरा ब्यौरा आईडी या मोबाइल नंबर में से किसी एक से लॉगिन करें। लॉगिन करने के उपरांत जिस किसान ने पंजीकरण किया है उसका ब्यौरा खुल जाएगा। इसके बाद किसान अपनी फसल बारे शिकायत दर्ज कर सकते हैं। शिकायत दर्ज करने के उपरांत संबंधित विभाग व अधिकारी द्वारा आपकी शिकायत पर आगामी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि किसान अपने मोबाइल, लैपटॉप, कंप्यूटर या फिर अटल सेवा केंद्र पर जाकर फसल नुकसान की सूचना दें सकते हैं।
बैठक में एसडीएम रेवाडी होशियार सिंह, एसडीएम कोसली जय प्रकाश, डीआरओ राकेश कुमार, तहसीलदार व नायब तहसीलदार मौजूद रहे।

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